ग्रामीणों को पशुओं की दवा के लिए तय करना पड़ता है 10 से 12 किमी का सफर
गरुड़(बागेश्वर)। क्षेत्र के पशुपालकों को पशुओं की चिकित्सा का लाभ देने के लिए साल 2015 में पशु सेवा केंद्र की स्थापना की गई। केंद्र में अब तक पशुधन प्रसार अधिकारी की नियुक्ति नहीं होने से केंद्र बंद पड़ा है। क्षेत्र के पशुपालकों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
साल 2015 में जब तिलसारी गांव में पशु सेवा केंद्र स्थापित हुआ तब लोगों को इससे लाभ मिलने की उम्मीद जगी। लेकिन वहां किसी भी कर्मचारी की तैनाती नहीं होने से जब से बना है तब से बंद है। ग्रामीणों को अपने पशुओं के इलाज के लिए गांव से 10 किमी दूर डंगोली और 12 किमी दूर गरुड़ जाना पड़ता है। ग्रामीण बताते हैं कि केंद्र सुचारू करने के लिए कई बार प्रदेश सरकार का पत्र भेजा गया है। जिलास्तर में भी ज्ञापन दिया गया। बावजूद आज तक केंद्र सुचारू नहीं हो पाया। ग्रामीण ललित परिहार, कैलाश परिहार, नारायण तिवारी, जगदीश पांडे, गणेश भट्ट, सुमित, प्रकाश देवराड़ी ने केंद्र में पशुधन प्रसार अधिकारी की नियुक्ति करने की मांग की है।
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जिले से समय-समय पर रिक्त पदों की सूचना मुख्यालय को भेजी जा रही है। जल्द नई नियुक्ति होने की संभावना है। जिसके बाद प्राथमिकता से तिलसारी में पशुधन प्रसार अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी।