बागेश्वर। पंपिंग पेयजल योजना बनने के बाद भी पेयजल न मिलने से नाराज मेहनरबुंगा के लोगों ने बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर नाराजगी जताई। कलक्ट्रेट में धरना देकर मेहनरबुंगा के नाम से बनी पेयजल योजना से गांव को पानी देने की मांग उठाई। डीएम को सौंपे ज्ञापन में क्षेत्र में अराजक तत्वों के घूमने पर रोक लगाने और मेहनरबुंगा बाईपास सड़क पर डामरीकरण कराने की मांग भी उठाई।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि 2018 में भूतपूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मेहनरबुंगा पुलिस लाइन पेयजल योजना की घोषणा की थी। वर्ष 2019 में पेयजल निगम ने योजना का निर्माण किया। पुलिस लाइन, ठेलापाटना, डुबकिया, छतीना, भोनियाधार को पेयजल उपलब्ध करा दिया है, लेकिन जिस गांव के लिए योजना बनी थी, वहां पानी के संयोजन नहीं दिए गए हैं।
मेहनरबुंगा के लोग एक किमी दूर से पानी ढोने पर मजबूर हैं। ग्रामीणों ने शीघ्र जल जीवन मिशन योजना का लाभ न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने गांव के आसपास घूमने वाले बाहरी लोगों पर रोक लगाने की मांग की। कहा कि बाहरी क्षेत्रों से आने वाले लोग अराजकता फैलाते हैं। इन लोगों ने मेहनरबुंगा बाईपास पर डामरीकरण की भी मांग की है। धरने पर पूर्व प्रधान रमेश राज, नाथू राम, जीवन लाल, गोविंद राम, किशन राम, नरेंद्र आर्या, हरीश बिष्ट, सरस्वती देवी, प्रेमा देवी, शोभा देवी आदि बैठे।