बागेश्वर। जहां एक ओर सरकारी विद्यालयों में सुविधाएं बढ़ाने के लाख दावे किए जाते हैं, वहीं जिले के 79 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अब तक बिजली नहीं पहुंच सकी है। इनमें कुछ विद्यालयों में कंप्यूटर भी लग चुके हैं, जो बिजली नहीं होने से धूल फांक रहे हैं। बिजली विहीन स्कूलों में कपकोट के सर्वाधिक स्कूल शामिल हैं।
जिले में 561 प्राथमिक और 111 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। वर्तमान में शिक्षा में तकनीक का प्रयोग लगातार बढ़ रहा है। विद्यालयों को सुविधा संपन्न बनाने का काम चल रहा हैै। कंप्यूटर शिक्षण, मॉडल विद्यालय, स्मार्ट क्लास की बातें हो रही हैं, बावजूद इसके कपकोट के 75, बागेश्वर और गरुड़ के दो-दो विद्यालयों में अब तक बिजली का कनेक्शन तक नहीं हुआ है। बिजली विहीन स्कूलों में 11 विद्यालय उरेडा के बिजली क्षेत्र वाले गांवों में स्थित हैं, जबकि 64 स्कूल यूपीसीएल की बिजली वाले क्षेत्र में हैं। विद्यालयों में बिजली नहीं होने का खामियाजा विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है।
कई विद्यालयों में नहीं लगे हैं कंप्यूटर
बागेश्वर। बिजली विहीन अधिकतर विद्यालयों में अब तक कंप्यूटर नहीं लगे हैं, हालांकि कुछ स्कूल ऐसे हैं जहां कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं। वर्तमान में 300 से अधिक बेसिक विद्यालयों में कंप्यूटर नहीं लगे हैं। वहीं विभाग से बिजली विहीन विद्यालयों में लगे कंप्यूटरों की सटीक जानकारी भी नहीं मिल सकी।
सीईओ जीएस सौन का कहना है कि यूपीसीएल की बिजली एरिया में आने वाले 64 बेसिक विद्यालयों में बिजली लगाने का प्रस्ताव ढाई महीने पहले भेजा गया है। अधिकांश बेसिक स्कूलों में अब तक कंप्यूटर नहीं लगे हैं। जिनमें बिजली विहीन विद्यालय भी शामिल हैं।