अल्मोड़ा। लमगड़ा विकासखंड के पंचायत प्रतिनिधियों ने डीएम और बीडीओ लमगड़ा को ज्ञापन देकर राशन कार्ड ऑनलाइन करने सहित नौ सूत्री समस्याओं के समाधान की मांग की है।
उनका कहना है कि गरीब परिवारों के राशन कार्ड ऑनलाइन न होने से तीन चार माह से उन्हें सस्ते गल्ले की दुकानों से खाद्यान्न नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में गरीब परिवारों को महंगे दाम पर बाजार से राशन खरीदना पड़ रहा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि विकासखंड के कई परिवारों के राशन कार्ड अपडेट नहीं हुए हैं। इस कारण ग्रामीण वीपीडीओ, बीडीओ कार्यालय और जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
मांग की है कि जल्द से जल्द ग्रामीणों के राशन कार्ड ऑनलाइन किए जाएं, ताकि उन्हें राशन मिल सके। वीपीडीओ को अपने क्षेत्र में तैनात रहने के निर्देश देने, प्रधानों को चेकबुक, डोंगल और पासबुक देने, राज्य और केंद्रीय वित्त के बजट से हुए कार्यों का जल्द भुगतान करने, सभी ग्राम प्रधानों और उपप्रधानों को मानदेय दिलाने की मांग की है।
उन्होंने प्रधानों को पंचायती राज की ट्रेनिंग शीघ्र देने, दूसरे विकासखंड में संबद्ध किए गए दो वीपीडीओ को वापस लमगड़ा विकासखंड भेजने की भी मांग की है। चेतावनी दी है कि यदि जल्द सभी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो पंचायत प्रतिनिधि आंदोलन करेंगे।
ज्ञापन में ज्येष्ठ उपप्रमुख दीवान सिंह बोरा, प्रधान संगठन अध्यक्ष राजेंद्र सिंह पिल्ख्वाल, प्रधान उमेश आर्य, चंपा जोशी, बबली नेगी, मीना डसीला, शांति बिष्ट, मंजू मेर, हेमा देवी आदि के हस्ताक्षर हैं।
बागेश्वर। कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते देश में फिर से लॉकडाउन के हालात बनने लगे हैं। ऐसे में सरकार ने प्रधानमंत्री अन्न योजना के तहत मई और जून में गरीबों को मुफ्त राशन बांटने का एलान किया है।
जिले के गोदामों में खाद्यान्न पहुंचने भी लगा है, लेकिन सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने राशन न उठाने की चेतावनी दी है। विक्रेताओं ने कहा कि पिछले वर्ष के आठ महीने का भाड़ा मिलने के बाद ही इस वर्ष का मुफ्त राशन उठाया जाएगा।
जिले में सरकारी सस्ते गल्ले की 17 गोदाम और 456 विक्रेता हैं। पिछले वर्ष कोरोना काल में लॉकडाउन के समय सभी विक्रेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चलाई गई योजनाओं का राशन मुफ्त बांटा गया था।
इसका ढुलान, भराई और उतराई का भाड़ा विक्रेताओं को नहीं मिल सका है। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता संघ के अध्यक्ष गणेश रावत ने बताया कि भाड़े की मांग के लिए जिला पूर्ति अधिकारी, डीएम, मुख्यमंत्री को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं।
केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है। कहा कि जिले के दुकानदारों का एक से तीन लाख रुपये तक का भाड़ा नही मिला है, ऐसे में फिर से मुफ्त बांटने वाला राशन उठाने के लिए गल्ला विक्रेता तैयार नहीं हैं।
संघ के सभी विक्रेताओं ने में शासन-प्रशासन से पिछले वर्ष का भाड़ा सहित अन्य लंबित बिलों का जल्द भुगतान करने की मांग पूरी होने पर ही राशन उठाने की बात कही है।
प्रधानमंत्री अन्न योजना के तहत दिया जाने वाला राशन गोदाम में पहुंचने लगा है। कई सस्ता गल्ला विक्रेता राशन उठाने भी लगे हैं। फिलहाल उनके पास कोई शिकायत नहीं है। बजट उपलब्ध न होने से पिछले वर्ष के बिलों का भुगतान नहीं हो सका है। इस महीने भुगतान होने की उम्मीद है।
- अरुण कुमार वर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी, बागेश्वर।