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दो महीने के बाद भी बैंक खाता नहीं खोलने का आरोप लगाया

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बागेश्वर। कमेड़ी देवी निवासी एक व्यक्ति ने बैंक प्रबंधन पर दो महीने बाद भी उसके परिचित का संयुक्त खाता न खोलने का आरोप लगाया है। कहा कि वह दो महीने से खाता खुलवाने के लिए एक बैंक से दूसरे बैंक में भटक रहा है। कहीं स्टाफ की कमी तो कहीं जरूरी प्रपत्र ही नहीं मिल रहे हैं।
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कमेड़ी देवी निवासी कमल भौर्याल ने बताया कि उनकी रिश्तेदार नीमा उपाध्याय कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत थी। उनके निधन के बाद उनकी पेंशन और शेष राशि उनके आश्रित को मिलनी थी लेकिन उनके बेटे दीपांकर उपाध्याय के नाबालिग होने के कारण बैंक में व्यक्तिगत खाता नहीं खुल सकता है। अदालत ने नीमा उपाध्याय की माता तारा भौर्याल को उनके बेटे का संरक्षक नियुक्त किया है। बताया कि दोनों का संयुक्त खाता खोलने के लिए वह जब दो महीने पहले भारतीय स्टेट बैंक की कांडा शाखा में गए तो बैंक की ओर से स्टाफ की कमी बताकर दस दिन बाद आने को कहा गया। वह बैंक की घिंघारुतोला शाखा में गया तो वहां खाताधारक का पता सेवित क्षेत्र के बाहर का बताकर खाता नहीं खोला गया। बैंक की कांडा शाखा में स्टाफ नहीं बढ़ सका घिंघारुतोला की शाखा में खाता खोलने का फॉर्म न होना बताया गया। बताया कि बैंक की सहमति पर कांडा की शाखा से फॉर्म दिलाने के बावजूद आधार कार्ड में नैनीताल का पता होने के कारण खाता नहीं खोला गया। कहा कि अदालत और विभागीय कागजात दिखाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने लीड बैंक अधिकारी से खाता खुलवाने की गुहार लगाई है। लीड बैंक अधिकारी एनआर जौहरी ने बताया कि उन्हें मामले की शिकायत मिली है। मामले की जांच के बाद बैंक खाता खुलवा दिया जाएगा।
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