जीर्णशीर्ण हालत में प्राथमिक स्कूल सन।
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जिले के कई विद्यालयों के भवन जीर्णशीर्ण हाल में हैं। भवनों का सुधार नहीं होने से सैकड़ों बच्चे बरसात में भी खतरा बनी इन पाठशालाओं में पढ़ने को मजबूर हैं। ऐसा ही कुछ हाल प्राथमिक विद्यालय सन और प्राथमिक विद्यालय करुली का भी है।
जर्जर हाल छत और गल चुके खिड़की-दरवाजों वाले भवनों में बच्चों के बैठने से अभिभावक भी हमेशा चिंता में रहते हैं। कपकोट के प्राथमिक स्कूल सन में वर्तमान में 70 बच्चे पढ़ते हैं। इतने बच्चों के लिए सुरक्षित छत तक नहीं है।
स्कूल भवन जीर्णशीर्ण हालत में है। छत का प्लास्टर कई जगहों पर उखड़ चुका है। खिड़की-दरवाजों की लकड़ी भी गल चुकी है। बरसात के मौसम में बच्चों को बरामदे में बैठना पड़ता है। ग्राम प्रधान गीता देवी और पूर्व प्रधान दीवान सिंह खेतवाल ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र का भवन भी क्षतिग्रस्त होने की कगार पर है।
उन्होंने प्रशासन से शीघ्र विद्यालय भवन का सुधारीकरण कराए जाने की मांग की है। इसी तरह प्राथमिक पाठशाला करुली के भवन की छत में भी दरारें पड़ गई हैं। बारिश होने पर कक्षा-कक्षों में पानी घुसने लगता है।
भवन के जीर्णशीर्ण होने से अभिभावकों को बरसात के मौसम में बच्चों की चिंता सताने लगती है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन को कई बार लिखित और मौखिक रूप से सूचना देने के बाद भी भवन का सुधार नहीं किया जा रहा है। ग्रामीण चंदन खेतवाल, दीवान खेतवाल, दिनेश साह, राजू खेतवाल, केवल जोशी, प्रमोद खेतवाल, हरीश जोशी, खड़क सिंह आदि ने शीघ्र शीघ्र स्कूल भवन का सुधार नहीं होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।