बागेश्वर। नियमितीकरण की मांग को लेकर एनएचएम के संविदाकर्मियों का विरोध, प्रदर्शन शुक्रवार को आठवें दिन भी जारी रहा। इसमें उन्होंने मांगें पूरी हुए बिना काम पर न लौटने का संकल्प दोहराया।
आंदोलनस्थल सीएमओ कार्यालय प्रांगण में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनके नियमितीकरण की घोषणा की थी, लेकिन घोषणा पूरी नहीं हो सकी।
वक्ताओं ने कहा कि पिछले वर्ष 19 सितंबर और इस साल 22 मई को देहरादून में आयोजित अधिवेशन में मुुख्यमंत्री हरीश रावत ने कर्मियों के नियमितीकरण की घोषणा की थी। स्वास्थ्य मंत्री ने सीएम की घोषणा पूरी करने के लिए प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा, लेकिन तब से मामले में ठोस कार्यवाई नहीं हो सकी।
उन्होंने मांगें पूरी हुए बिना काम पर न लौटने का संकल्प दोहराया। इनमें कमल जोशी, गिरीश पंत, सरोज मेहता, प्रियंका कांडपाल, चंपा आर्या, डॉ. भूपेंद्र गंगवार, डॉ. पुष्कर भंडारी, रेखा मेहरा आदि थे। आंदोलनस्थल पर पहुंचे मिनिस्टीरियल एसोसिएशन चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गजेंद्र बिष्ट, मंत्री पीएस मर्तोलिया ने भी समर्थन दिया।