बागेश्वर। जिले के मनकोट गांव से एक महिला को तेंदुए के उठा ले जाने की सूचना से सनसनी फैल गई। घटना के बाद ग्रामीण और वन विभाग की टीम देर रात तक महिला की खोजबीन में जुटी रही। घटनास्थल से एक किमी दूर महिला का जला हुआ टॉर्च बरामद हुआ। देर रात तक महिला का कोई पता नहीं चल सका। वन विभाग की ओर से तेंदुए के हमले को लेकर कोई पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार की शाम मनकोट के कंपास तोक के पास के वन क्षेत्र में आग लगी थी। इसी दौरान स्थानीय देवकी देवी (60) पत्नी स्वर्गीय कृष्णानंद अपने परिवार के साथ आग बुझाने में जुटी थीं। करीब 6:30 बजे वह पानी लेने के लिए जंगल से घर के पास प्राकृतिक स्रोत की तरफ गईं। जब वह काफी देर तक पानी लेकर नहीं पहुंची तो परिवार वालों ने उन्हें खोजना शुरू किया। कहीं पता नहीं चलने के बाद महिला की जंगल और सड़क के आसपास खोजबीन की गई। देर रात करीब 10:20 बजे घटनास्थल से करीब एक किमी दूर महिला का टॉर्च बरामद हुआ जो कि जला हुआ था। टॉर्च के महिला के ही होने की पुष्टी उनके पुत्र दयाल चौबे ने की। ग्रामीणों को आशंका है कि महिला को तेंदुआ ही उठाकर ले गया है। हालांकि वन विभाग की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। ग्रामीण माधवानंद चौबे ने बताया कि क्षेत्र में दो, तीन दिन से तेंदुए की धमक भी हो रही है। डीएफओ आदित्य रत्न ने बताया कि मनकोट गांव से महिला को तेंदुए के उठा ले जाने की सूचना आई है। टीम को गांव भेज दिया गया है। वहीं गांव में देर रात तक सर्च अभियान जारी रहा। इस दौरान एसडीओ तनुजा परिहार, रेंजर केवलानंद पांडे, क्यूआरटी टीम समेत 30 से 40 ग्रामीण मौजूद रहे।