बागेश्वर। जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की कमी और जिले में 108 की लचर व्यवस्थाओं से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में जन्मे नवजात को परेशानी होने पर बच्चे को हायर सेंटर रेफर किया गया। 108 एंबुलेंस सेवा के दो घंटे की देरी से पहुंचने पर परिजनों को जिला अस्पताल में इंतजार करना पड़ा।
सोमवार देर रात चिड़ग निवासी योगेश चौहान की पत्नी ने जिला अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। महिला रोग विशेषज्ञ ने बच्चे में पानी की कमी बताई। जिससे परिजन चिंतित हो गए। जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ के सीएमओ कार्यालय अटैच होने से अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। जिसके चलते चिकित्सकों ने नवजात को हायर सेंटर रेफर कर दिया। जिसके बाद परिजनों ने रात 11 बजे 108 में फोन कर एंबुलेंस की मांग की। 108 सेवा की तरफ से एंबुलेंस को कठपुड़ियाछीना से भेजने की बात कही गई। लेकिन दो घंटे बीतने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। इस दौरान परिजनों को जिला अस्पताल में ही इंतजार करना पड़ा। एक बजे रात एंबुलेंस पहुंचने के बाद नवजात को अल्मोड़ा के जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां बाल रोग विशेषज्ञ ने बच्चे का उपचार किया। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार बच्चे की हालत में सुधार है। संवाद
कोट
जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ के सीएमओ कार्यालय में अटैच होने से बच्चों को रेफर करना पड़ रहा है। एंबुलेंस के समय पर न पहुंचने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली। सूचना मिलने पर जिला अस्पताल से एंबुलेंस मुहैया कराई जाती।
-डॉ. तपन शर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल बागेश्वर
कोट
जिला मुख्यालय के दोनों 108 वाहन मरीज को लेकर गए हुए थे। कठपुड़ियाछीना से वाहन पहुंचने में देर क्यों हुई इसकी जांच की जाएगी।
-कमल शर्मा, 108 सेवा प्रभारी, बागेश्वर