बागेश्वर। कत्यूर घाटी के धार्मिक स्थलों के सुंदरीकरण और नदी तटीय क्षेत्रों को बाढ़ के खतरे से सुरक्षित करने के लिए सिंचाई विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। शासन स्तर से जिला योजना के तहत गरुड़ गंगा नदी और बुरसौल नदी में विभिन्न बाढ़ सुरक्षात्मक निर्माण कार्यों को वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। मंजूरी के बाद कत्यूर क्षेत्र के ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में खुशी की लहर है।
सिंचाई विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गरुड़ गंगा नदी के सिल्ली स्थित प्रसिद्ध घिंघेश्वर मंदिर के पास भव्य घाट का निर्माण किया जाएगा जिससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों में आसानी होगी। नदी के तेज बहाव से मंदिर परिसर और आस-पास की कृषि भूमि को सुरक्षित करने के लिए मजबूत सुरक्षा दीवारों का निर्माण भी किया जाएगा। बुरसौल नदी में भी मानसून और अत्यधिक वर्षा के दौरान आने वाली बाढ़ से आबादी व फसलों को बचाने के लिए व्यापक स्तर पर बाढ़ सुरक्षा कार्य कराए जाएंगे। विभाग ने इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को जिला योजना में शामिल कराया था जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
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जिला योजना के तहत गरुड़ गंगा नदी के सिल्ली में घिंघेश्वर मंदिर के पास घाट और सुरक्षा दीवार निर्माण के साथ-साथ बुरसौल नदी में बाढ़ सुरक्षा कार्यों की स्वीकृति मिल चुकी है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। -हामिद हसन, ईई सिंचाई विभाग