फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरसात में छाता लेकर सिग्नल की तलाश कर रहे लीती गांव के लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
बागेश्वर (शंकर पांडेय)। डिजिटलीकरण के दौर में देश फाइव जी नेटवर्क की तैयारी कर रहा है, वहीं जिले के कई गांव आज भी संचार सेवा से वंचित हैं। कुछ गांवों में नेटवर्क निश्चित स्थान पर ही पकड़ता है तो कई गांवों में आए दिन संचार सेवा बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कपकोट के दूरस्थ गांव लीती में पिछले पांच दिनों से संचार सेवा ठप है। ग्रामीणों को बारिश में छाता लेकर मोबाइल पर बात करने के लिए चार किमी दूर आना पड़ रहा है।
विज्ञापन

लीती के ग्रामीणों को संचार सुविधा के नाम पर मिलने वाली टूजी सेवा का नेटवर्क पिछले पांच दिनों से गायब है। क्षेत्र में इन दिनों लगातार बारिश हो रही है। कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हो रही है। ऐसे में संचार सेवा के बाधित होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लीती गांव के युवा मोबाइल पर बात करने के लिए चार किमी दूर विनायक धार आने को मजबूर हैं। सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र सिंह कोरंगा का कहना है कि नेटवर्क की समस्या को लेकर कई बार प्रशासन, जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिए गए लेकिन अब तक किसी ने क्षेत्र को संचार सुविधा से जोड़ने के लिए प्रयास नहीं किया। ग्रामीणों को भारी बारिश में भी जरूरी फोन करने और ऑनलाइन काम के लिए चार किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है।
2019 में नेटवर्क से जुड़ा था लीती गांव
बागेश्वर। लीती गांव में बीएसएनल का मोबाइल टावर 2013-14 में स्थापित हो गया था लेकिन कनेक्टिविटी के लिए ग्रामीणों को पांच वर्ष से अधिक का इंतजार करना पड़ा। ग्रामीणों को लंबे संघर्ष के बाद 2019 में नेटवर्क से जोड़ा गया। इतना इंतजार करने के बाद भी ग्रामीणों को टूजी सेवा ही मिल सकी। नेटवर्क आने के बाद भी ग्रामीणों की परेशानी कम नहीं हुई। गांव में आए दिन नेटवर्क गायब रहता है। महीने में करीब 10 से 12 दिन लोगों के फोन ठप रहते हैं। कहने को गांव में जियो कंपनी का टावर भी लग चुका है, लेकिन चार वर्ष बाद भी कनेक्टिविटी नहीं मिलने से टावर शोपीस बना हुआ है।
विज्ञापन

लीती के मोबाइल टावर को पिथौरागढ़ जिले के डीडीहाट के बैकुंठधाम में लगे मोबाइल टावर से कनेक्ट किया गया है। बैकुंठधाम में लगे टावर में खराबी आने से लीती में भी मोबाइल नेटवर्क बाधित हुआ है। - हेमंत जोशी, एसडीओ बीएसएनएल बागेश्वर
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें