डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बागेश्वर जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्थितियों का जायजा लिया। उन्होंने काम में लापरवाही बरतने पर अस्पताल के एनेस्थेटिस्ट को निलंबित करने के आदेश दिए। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन करते हुए सीएमएस से गैर हाजिर डॉक्टरों और कर्मचारियों का स्पष्टीकरण लेकर तीन दिन के भीतर डीएम कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा है। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा।
डीएम मंगेश घिल्डियाल शुक्रवार को बागेश्वर जिला अस्पताल में पहुंचकर बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने काम में लापरवाही पर एनेस्थेटिस्ट डॉ. नगेंद्र सिंह को निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर को देखा तो उसमें कई डॉक्टर, फार्मेसिस्ट, अन्य कर्मियों समेत 12 अनुपस्थित मिले, इस पर सीएमएस को अनुपस्थित डॉक्टरों व कर्मियों से स्पष्टीकरण लेने को कहा। अवकाश के लिए आए एक प्रार्थना पत्र पर भी शंका जताते हुए इसकी जांच कराने के लिए निर्देशित किया।
उन्होंने जिला अस्पताल में आठ माह में कुल 27 सर्जरी ही करने को नाकाफी बताया। इस पर नाराजगी जताते हुए सीएमएस को काम में सुधार लाने के निर्देश दिए। कहा कि अस्पताल से कोई भी मरीज हायर सेंटर रेफर नहीं होना चाहिए। यदि किसी को रेफर करना जरूरी हो तो इसकी जानकारी उन्हें देनी होगी। उन्होंने वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अजय बिष्ट से प्रतिदिन रेफर के मामलों की जानकारी लेते हुए सामान्य मामलों को अस्पताल में ही सुलझाने के निर्देश दिए।
अब तक जिला अस्पताल से रेफर किये गये मामलों की पूरी सूची उन्हें उपलब्ध कराने और रेफर करने के कारण भी बताने को कहा। अस्पताल में सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए रोजाना छह बार अस्पताल की सफाई के निर्देश दिए। उन्होंने महिला सर्जन डॉ. रीमा उपाध्याय से अस्पताल में ही प्रसव करवाने को कहा। निरीक्षण के दौरान प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रामबिहारी वर्मा, सर्जन डॉ. आरएस सीपाल सहित अस्पताल के अन्य अधिकारी मौजूद थे।