कुमांऊ विश्वविद्यालय की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में घोर लापरवाही सामने आई है। विश्वविद्यालय के परीक्षक ने एमबीपीजी कालेज हल्द्वानी की कामर्स प्रथम सेमेस्टर की एक छात्रा को अधिकांश प्रश्नों के सवालों में न केवल कम नंबर दिए हैं बल्कि 15 नंबर के एक उत्तर पर सही का मार्क लगाने के बाद भी नंबर नहीं दिए हैं। छात्रा की मां ने इसे घोर लापरवाही बताते हुए इसके खिलाफ न्यायालय जाने की चेतावनी दी है।
बागेश्वर के किमोली गांव निवासी संगीता नगरकोटी एमबीपीजी कालेज हल्द्वानी में एमकॉम की छात्रा हैं। संगीता ने 28 मार्च 2016 को एमकाम प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा दी। सांख्यिकी के 70 नंबर के प्रश्नपत्र में 34 अंक प्राप्त होने पर जब सूचना अधिकार अधिनियम के तहत उत्तर पुस्तिका की प्रति मांगी गई तो उसमें घोर लापरवाही सामने आई है। छात्रा की माता पुष्पा नगरकोटी ने बताया कि उत्तर पुस्तिका में छात्रा को परीक्षक ने 15 नंबर के एक प्रश्न में केवल पांच नंबर दिए हैं।
जबकि न्यूमेरिकल में उत्तर सही होने पर नंबर काटने की कोई वजह ही नहीं बनती है। इसके अलावा प्रश्नपत्र में पूछे गए 15 नंबर के अंतिम प्रश्न के उत्तर की जांच करने के बाद सही का निशान भी लगाया गया है, लेकिन नंबर नहीं दिए हैं। इसके अलावा अन्य प्रश्नों के उत्तर में भी कम नंबर दिए गए हैं। छात्रा की मां का कहना है कि जानकारों को उत्तर पुस्तिका दिखाने पर इस प्रश्नपत्र में ठीक से जांच करने पर 25 से अधिक अतिरिक्त अंक मिलने की बात बताई जा रही है। उन्होंने कुलपति को शिकायत पत्र भेजकर इसे परीक्षा नियंत्रक विभाग की घोर लापरवाही बताते हुए न्यायालय की शरण में जाने की चेतावनी दी है।