पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और राष्ट्रीय प्रारंभिक शिक्षक आयोग के गठन सहित विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के शिक्षकों ने अपने-अपने विकासखंडों में धरना दिया। इसके बाद अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री, राज्यपाल और राष्ट्रपति को भेजा गया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बागेश्वर के सभी शिक्षकों ने उप शिक्षाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना दिया। धरनास्थल पर आयोजित सभा में शिक्षकों ने 2004 से लागू पेंशन नीति का विरोध किया गया। छठे वेतनमान की विसंगतियों को दूर करते हुए सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा में संशोधन करने, देश के सभी राज्यों के शिक्षकों को समान काम के आधार पर समान वेतन देने, राष्ट्रीय प्रारंभिक शिक्षा आयोग का गठन करने की मांग की गई। धरना प्रदर्शन करने वालों में अध्यक्ष हेम चंद्र पांडेय, मंत्री दीपा रावत, कोषाध्यक्ष पूरन चंद्र जोशी, मनोज तिवारी, दीवान सिंह रावत, राजेश रावत, तारा दत्त, शांति करायत, हीरा रौतेला, भरत राठौर, इंद्र पाल, महिपाल, दीपक रावत आदि शिक्षक शामिल थे।
कपकोट के शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर संगठन के ब्लाक अध्यक्ष कमल पांडेय के नेतृत्व में उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय में धरना दिया। बाद में मांग से संबंधित ज्ञापन राज्यपाल और राष्ट्रपति को भेजा गया। धरने में वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोविंद ऐठानी, महामंत्री महिपाल कपकोटी, गिरीश तिरुवा, राजेंद्र देव, प्रेमा ऐठानी, गीत पाठक, ममता मेहता, इंदु, यशपाल, कैलाश चंद्र, विजेंद्र डंगवाल, नरेंद्र टाकुली, विवेक पांडे, विमला तिरुवा, नीलू शाह, नीतू बिष्ट आदि शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल थे।