शहीद के पार्थिव शरीर को गांव लाते
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सिरकोट निवासी नारायण सिंह के 35 वर्षीय बेटे नंदन सिंह आसाम रायफल्स में तैनात थे। 16 अक्तूबर को शिविर से लौटने के दौरान घात लगाए उग्रवादियों ने उन पर एकाएक गोलीबारी कर दी। गोली लगने से नंदन सिंह शहीद हो गए। बुधवार को सेना के जवान उनका पार्थिव शरीर लेकर सिरकोट पहुंचे। शहीद की धर्मपत्नी पार्वती देवी और तीन नाबालिग बच्चों के करुण क्रंदन से वहां माहौल गमगीन हो गया। एसडीएम सुंदर सिंह और पटवारी पिंगलों भुवन वर्मा ने भी गांव पहुंच शहीद को श्रद्धांजलि दी।
देर शाम बागेश्वर में सरयू-गोमती के संगम पर शहीद की सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि कर दी गई। कौसानी से आए सिग्नल कोर के जवानों ने सूूबेदार शिवामल आचार्य की अगुवाई में शहीद के हवा में फायरिंग कर शहीद को अंतिम विदाई दी। विधायक चंदन राम दास, प्रशासन की ओर से तहसीलदार दया चंद्र टम्टा और पुलिस की ओर से कोतवाल टीआर वर्मा के अलावा सूबेदार नवीन सिंह ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की।
चिता को मुखाग्नि उनके भाइयों बलवंत सिंह, बलवीर सिंह, प्रेम सिंह, महेश सिंह और प्रकाश सिंह ने दी। शवयात्रा में बड़ी संख्या में शामिल लोग भारत माता की जय, शहीद नंदन अमर रहे और नक्सली मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, उपाध्यक्ष देवेंद्र परिहार, जिला पंचायत सदस्य शिव सिंह बिष्ट, नंदी भंडारी, ब्लॉक प्रमुख भरत फर्स्वाण, जगदीश कुनियाल, प्रकाश कोहली, हरीश बिष्ट ने गहरा दुख व्यक्त किया है।