बागेश्वर। कन्याओं को सुरक्षित भविष्य और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लाई गई नंदा गौरा देवी कन्याधन योजना नये आवेदन प्रारूप के कारण बालिकाओं के लिए परेशानी का सबब बन गई है। नये प्रारूप में मांगे गई जानकारियां उपलब्ध नहीं करा पाने से कई बालिकाओं को योजना के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है।
नंदा गौरा देवी कन्याधन योजना के नए आवेदन प्रारूप में बिजली-पानी के बिल, सामाजिक, आर्थिक जाति जनगणना में परिवार की स्थिति का प्रमाणपत्र, परिवार के पास मौजूद जमीन का क्षेत्रफल और वर्तमान मूल्य का प्रमाणपत्र, बालिका और उसके माता-पिता के बैंक खातों की पिछले तीन साल की स्टेटमेंट और पेन कार्ड को अन्य दस्तावेजों के साथ अनिवार्य कर दिया गया है।
जिले के अधिकतर गांवों में सरकारी पेयजल योजना नहीं बनी है। किसी गांव में पेयजल योजना है तो कई गरीब परिवारों के पास कनेक्शन नहीं है। ऐसे में पानी का बिल मुहैया कराना बालिकाओं के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। जनगणना की प्रतियां भी लोगों के पास नहीं है। ऐसे में जनगणना के आधार पर परिवार की स्थिति की जानकारी बता पाने में भी दिक्कत आ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर लोगों के या तो बैंक खाते खुले नहीं हैं, या एक ही खाता है। ऐसे में माता, पिता और बेटी के बैंक खाते खोलना और पेन कार्ड बनाना भी चुनौती है। आवेदन पत्र जमा करने के लिए 31 दिसंबर की तिथि तय है। नये प्रारूप में हुए इन बदलावों के कारण कई पात्र बालिकाएं योजना का लाभ हासिल नहीं कर पा रही हैं।
पुराने प्रारूप के तहत आवेदन नहीं होने के कारण परेशानी हो रही है। गांव में सरकारी पेयजल योजना नहीं होने से पानी का बिल उपलब्ध कराना संभव नहीं है। पुराने प्रारूप के तहत ही आवेदन पत्र जमा कराने की अनुमति मिलनी चाहिए।
शीतल, आवेदन से वंचित छात्रा।
आय प्रमाण पत्र बनाने के बाद भी परिवार की जमीन का क्षेत्रफल और वर्तमान कीमत जैसी जानकारी मांगी जा रही है। आय प्रमाणपत्र में भूमि, नौकरी, कृषि आदि सभी स्रोतों से होने वाली आय की जानकारी होती है। परिवार के सभी लोगों के खाते और पेन कार्ड का विवरण मांगने से भी दिक्कत हो रही है।
शीला, आवेदन से वंचित छात्रा
आवेदन जमा करने के लिए मात्र एक महीने का समय दिया और नये प्रारूप में कई नई जानकारियां मांगी है। इतने कम समय में जिन्हें पूरा कर पाना संभव नहीं हो रहा है। सरकार को पुराने प्रारूप के तहत ही आवेदन कराने चाहिए।
रितिका आर्या, आवेदन से वंचित छात्रा
पुराने प्रारूप से अब तक 1274 आवेदन जमा हुए हैं। नये प्रारूप में मांगी गई जानकारी आवेदनकर्ता उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। आवेदन का नया प्रारूप अड़चन पैदा कर रहा है लेकिन शासन से नये प्रारूप में ही आवेदन जमा करने का आदेश मिला है।
अनुलेखा बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास बागेश्वर