जिले में कृषि क्षेत्र में पूंजी निर्माण की संभावनाओं की दिशा में तेजी के साथ काम होगा। अगले वित्तीय साल के लिए संभाव्यता युक्त लोन योजना के दस्तावेज बनाए हैं। नाबार्ड की ओर से तैयार इस दस्तावेज को सीडीओ हिमांशु जोशी ने जारी किया।
विकास भवन सभागार में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड के वित्तीय वर्ष 2016-17 के दस्तावेज को जारी करते हुए सीडीओ जोशी ने कहा कि जिले की भौगोलिक स्थिति और कृषि विकास की संभावनाओं को देखते हुए वित्तीय प्रबंधन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र को अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए हैैं। उनकी मंशा महिलाओं को लाभान्वित करने की है। इससे संबंधित एक पुस्तिका का विमोचन भी किया। नाबार्ड के जिला प्रबंधक बीएस बिष्ट ने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष के लिए तैयार किए गए दस्तावेज में कृषि क्षेत्र में लोन की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है।
कृषि और इससे संबंधित कार्यों को लाभकारी बनाने की दिशा में यह दस्तावेज केंद्रित है। नाबार्ड ग्रामीण इलाकों में टिकाऊ विकास के लिए प्रयासरत है। वित्तीय सुविधाओं से वंचित लोगों को प्राथमिकता के आधार पर राशि दिलाई जाएगी।
आधारभूत ढांचे के विकास में आने वाली रुकावटों का दूर किया जाएगा। गांवों मेें परंपरागत व्यवसाय के साथ ही शिक्षा के विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्य कृषि अधिकारी बीपी मौर्य, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. उदय शंकर सहित बैंकों के अधिकारी बैठक में मौजूद थे।