बागेश्वर। कोविड कर्फ्यू में सप्ताह में तीन दिन बाजार खोलने की छूट मिलने के बाद जिले के मशरूम उत्पादकों को मशरूम बिकने की कुछ आस जगी है। मशरूम उत्पादक मशरूम की पैकिंग करने लगे हैं। मशरूम न बिकने के कारण मशरूम उत्पादकों ने मशरूम की बड़ियां और अचार बनाना शुरू कर दिया था। बाजार को राहत मिलती रहे तो मशरूम उत्पादकों की परेशानी भी कम हो जाएगी।
जिले के कपकोट विकासखंड के लीती, शामा, दुलम समेत तमाम गांवो में जिले के कृषि विज्ञान केंद्र के तकनीकी सहयोग से मशरूम का बड़े स्तर पर उत्पादन किया जाता है। यह लोग स्थानीय बाजार के साथ ही कपकोट, बागेश्वर में मशरूम की बिक्री करते थे। पिछले वर्ष मशरूम उत्पादकों पर लॉकडाउन की मार पड़ी। इस बार कोविड कर्फ्यू ने मशरूम उत्पादकों की कमर तोड़ कर रख दी।
कोविड कर्फ्यू में कुछ ढील मिलने से मशरूम उत्पादकों को भी कुछ आय होने की उम्मीद है। लीती क्षेत्र की प्रमुख मशरूम उत्पादक धना कोरंगा ने बताया कि इस समय लीती, शामा क्षेत्र में चार क्विंटल तक मशरूम उपलब्ध है। कोविड कर्फ्यू के कारण मशरूम की बिक्री प्रभावित होने पर बड़ियां बनानी पड़ी। अब सप्ताह में तीन दिन मशरूम की बिक्री की आस है। मंदी को देखते हुए मशरूम की कीमत भी ढाई से घटाकर दो सौ रुपया किलो कर दी है। कपकोट के साथ ही बागेश्वर के बाजार में मशरूम बेचा जाएगा।