बागनाथ मंदिर का बिजौरा तैयार करते कलाकार। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत बागनाथ मंदिर परिसर को सजाने, संवारने का काम शुरू हो गया है। मंदिर परिसर में संग्रहालय का निर्माण कराया जाएगा। कालभैरव मंदिर के जीर्णोद्धार के साथ धर्मशालाओं का नव निर्माण होगा। इसके लिए शासन से 1.30 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की गई है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पूर्व में बागनाथ मंदिर परिसर में पुरातत्व विभाग के संग्रहालय के नव निर्माण के साथ तमाम घोषणाएं की थी। इसी कड़ी में शासन ने 1.30 करोड़ रुपये की धनराशि भी मंजूर कर ली है और ग्रामीण निर्माण विभाग को निर्माण कार्य का जिम्मा भी दे दिया गया है। उक्त धनराशि से बागनाथ मंदिर परिसर में संग्रहालय के निर्माण के साथ मंदिर परिसर में स्थित कालभैरव मंदिर का जीर्णोद्धार भी किया जाएगा। कालभैरव मंदिर की धर्मशाला और बागनाथ मंदिर की धर्मशाला का नवनिर्माण भी होगा। बागनाथ मंदिर का बिजौरा (छज्जा) नए स्वरूप में आएगा और बाणेश्वर मंदिर को नया स्वरूप दिया जाएगा। कार्यदायी संस्था ने कार्य शुरू कर दिया है। बागनाथ मंदिर कमेटी के अध्यक्ष नंदन सिंह रावल ने कहा है कि कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा।
देहरादून के जौनसार भाबर से आए हैं कारीगर
बागनाथ मंदिर का नया बिजौरा तैयार करने के लिए जौनसार भाबर के चकरौता से कारीगरों की टीम बागेश्वर पहुंची है। बागेश्वर पहुंचे कारीगर विपिन चौहान, सुनील शाह, गजेंद्र साह ने बिजौरा बनाने का कार्य शुरू दिया है।
शासन ने बागनाथ मंदिर परिसर में संग्रहालय के नव निर्माण के साथ अन्य कार्यों के लिए करीब 1.30 करोड़ की धनराशि मंजूर की है। कार्य शुरू कर दिया गया है। फरवरी 2021 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। - रमेश चंद्रा अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग बागेश्वर