यहां बागनाथ मंदिर समिति और अधिकारियों की बैठक में संग्रहालय निर्माण को लेकर चर्चा हुई। इस मामले में काल भैरव मंदिर समिति की सहमति के साथ ही नक्सा भी बन जाने के बाद तैयारियां शुुरू हो गई हैं।
यहां बागनाथ मंदिर की पैंसठ पाषाण प्रतिमाएं संग्रहालय के अभाव में एक चैनल लगे कमरे में रखी गई हैं। मध्यकालीन भारत की इन कीमती मूर्तियों के लिए संग्रहालय बनाने की मांग काफी समय से चल रही थी।
पूर्व में सीएम हरीश रावत ने इसके लिए धन की घोषणा की, और भव्य संग्रहालय बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। संग्रहालय का निर्माण बागनाथ परिसर स्थित काल भैरव मंदिर की खाली भूमि पर होना है।
अब काल भैरव मंदिर समिति ने भी इसके लिए सहमति दे दी है। भूतल में धर्मशाला और प्रथम तल पर संग्रहालय बनेगा। इसका नक्सा भी आर्किटैक्ट ने भेज दिया है।
रविवार को मंदिर परिसर में इसी संबंध में चर्चा हुई। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अब आगणन के अनुसार इसके निर्माण को प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में बागनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी पूरन रावल, राजा साह, बाला दत्त तिवारी, काल भैरव मंदिर के शंकर गिरि, तहसीलदार पीएस माहरा, पुरातत्व विभाग के चंद्र सिंह चौहान, लोनिवि के अभियंता जेएस बोरा आदि ने भाग लिया।