इसी सप्ताह बरसात शुरू होने के बावजूद कपकोट ब्लाक के उच्च हिमालयी क्षेत्र रामगंगा घाटी के मर्ल्खाडुंगर्चा का अनाज गोदाम खाली है। वहां समय रहते अनाज न पहुंचने से ग्रामीणों में रोष है। उन्होंने प्रशासन, पूर्ति विभाग से अनाज का शीघ्र भंडारण करने को कहा है। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्राम प्रधानों, बीडीसी सदस्यों, ग्रामीणों ने बताया कि किमू, गोगिना, मर्ल्खाडुंर्चा, रातिरकेठी दुर्गम गांव हैं। वहां के लिए बरसात के दौरान सितंबर तक का सस्ता गल्ला लीती गोदाम से खच्चरों के जरिए आता है। इसके बावजूद राजकीय खाद्यान्न गोदाम मल्खाडुंगर्चा पर निर्भर गांवों का गोदाम खाली है।
उन्होंने बताया कि चावल एपीएल अप्रैल, बीपीएल मई, चावल अंत्योदय मई, गेहूं एपीएल, बीपीएल, अंत्योदय अक्तूबर, चीनी जुलाई, एमडीएम का चावल गोदाम में पहुंच गया है जबकि चावल एपीएल, बीपीएल, अंत्योदय, चीनी, एमडीएम का चावल गोदाम में नहीं पहुंचा है।
मल्खाडुंगर्चा गोदाम में चावल नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक बारिश में मलबा भरने, पहाड़ियों के खिसकने के कारण रास्ते बंद हो जाते हैं। समय पर भंडारण न होने पर ग्रामीणोें को खाद्यान्न के लिए परेशान होना पड़ेगा। क्षेत्र में धान, गेहूं की उपज कम होने के कारण समस्या बढ़ जाएगी।
उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी से खाद्यान्न का शीघ्र भंडारण की मांग की है। इनमें ग्राम प्रधान भागीरथी देवी, गंगा सिंह, धनी राम, वीर राम, चंचल राम, चतुर राम, भवान सिंह, तारा सिंह, हरमल सिंह, खुशहाल सिंह मेहता, खड़क सिंह रौतेला, नर सिंह, नारायण सिंह मेहता आदि शामिल हैं।
इधर जिला पूर्ति अधिकारी जेएस कंडारी ने बताया कि मल्खाडुंगर्चा के गोदाम के लिए सितंबर महीने तक का गेहूं, जून तक का चावल पहुंच चुका है। जुलाई, अगस्त का चावल सप्ताहभर में पहुंच जाएगा।
उन्होंने बताया कि सितंबर तक की चीनी भी गोदाम में पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि किसी को भी अनाज के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा।