गरुड़ के छटिया गांव में पावर टिलर से खेत जोतता एक कृषक।
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एक समय था जब खेत जोतने के लिए काश्तकारों को दो बैल पालने जरूरी होते थे। पर अब समय बदल गया है और किसान भी तकनीकी से जुड़ रहे हैं। खासकर बात पहाड़ पर खेती की हो तो यहां तो तकनीकी भी विशेष ही चाहिए। पहाड़ के किसानों के लिए ऐसा ही विशेष उपकरण बन गया है पावर ट्रेलर।
गरुड़ के सेलीहाट गांव निवासी किसान जीवन सिंह अल्मिया और छटिया गांव निवासी कुंदन सिंह कबडोला अपने खेतों की जुताई पावर ट्रेलर से ही करते हैं। यही नहीं जीवन सिंह के ट्रेलर से क्षेत्र के करीब 20 काश्तकार भी प्रति घंटे के हिसाब से किराया देकर अपने खेतों की जुताई करते हैं।
समय की बचत को देखते हुए कई अन्य काश्तकारों ने भी पावर ट्रेलर खरीदने शुरू कर दिए हैं। इधर, ब्लॉक कृषि प्रभारी धन राम आर्या का कहना है कि विभाग पावर ट्रेलर क्रय करने पर किसान को 50 फीसदी अनुदान भी देता है।