कपकोट के अंतिम गांव कुंवारी में मशरूम खाने से मां की मौत और पत्नी की गंभीर हालत ने खिलाफ राम को बेबस कर दिया। एक तरफ मां के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी थी तो दूसरी तरफ पत्नी को बेहतर इलाज दिलाने की चुनौती। बदियाकोट-कुंवारी सड़क जहां पर बंद है, वहां से गांव की दूरी छह किमी है जिसे देखते हुए खिलाफ राम ने पत्नी कविता को अस्पताल ले जाने से मना कर दिया। ग्रामीण महेंद्र ने बताया कि खिलाफ राम की मां धनुली देवी की मृत्यु हो चुकी है। ग्रामीणों के समझाने के बाद भी उसने कविता को सड़क तक लाने और एंबुलेंस की सहायता लेने से मना कर दिया। अब महिला का गांव में ही जड़ी-बूटियों से इलाज किया जा रहा है।
घटना के समय दूसरे घर में थे बच्चे
मृतका धनुली देवी के परिवार में उनका बेटा, बहू और तीन पोते-पोतियां हैं। घटना के समय बच्चे पिता के साथ दूसरे घर में थे। ग्रामीणों ने घटना की सूचना कपकोट अस्पताल में दी। बताया कि अंबुआ गधेरे के समीप भूस्खलन से सड़क बंद है जिसके कारण कविता को अस्पताल नहीं लाया जा सका है।
बीमार महिला की हालत में कुछ सुधार की सूचना मिली है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव भेजा जा रहा है। पुलिस टीम भी गांव जा रही है।
अनिल सिंह रावत, एसडीएम, कपकोट