जिला मुख्यालय से लगी मंडलसेरा ग्राम पंचायत के आधे से अधिक भाग में पेयजल के लिए हाहाकार मचा है। लोगों को पर्याप्त पानी न मिलने के कारण उन्हें कई परेशानियां झेेलनी पड़ रही हैं। नजदीक में पेयजल के अन्य स्रोत न होने से ग्रामीण सरयू के दूषित पानी का सहारा लेने को मजबूर हैं। दानपुर सेवा समिति ने डीएम से पीने के पानी की आपूर्ति शीघ्र सुचारु करने की मांग की है।
मंडलसेरा ग्राम पंचायत की आबादी 5000 से ऊपर है। गांव के आधे भाग में पीने के पानी का संकट बना है। जिन हिस्सों में तीसरे दिन पानी की आपूर्ति होनी थी। वहां भी ग्रामीणों को पर्याप्त मात्रा में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। गांव के लिए शिकड़ा गधेरा से योजना बनी है। पीपल चौक और इसके आसपास के इलाके में इस योजना में पानी की आपूर्ति काफी कम हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि गत वर्ष छह जून को मुख्यमंत्री ने नगर के भ्रमण के दौरान पीने के पानी की दिक्क्त को देखते हुए गांव के लिए एक और ट्यूबवेल लगाने की घोषणा की थी। लेकिन शासन से आज तक बजट नहीं मिल सका है। दानपुर सेवा समिति और गांव के लोग पानी की आपूर्ति सुचारु रखने के लिए कई बार पेयजल संस्थान से गुहार लगा चुके हैं लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है। पेयजल संस्थान के एई नीरज तिवारी ने बताया कि कुछ लोग शिकड़ा गधेरे से बनी लाइन से कलियाबगड़ में खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। जिस कारण टंकी तक पानी काफी कम पहुंच पा रहा है। उन्होंने एसडीएम से लाइन की सुरक्षा के लिए होमगार्ड की तैनाती के लिए पत्र लिखा है। सुरक्षा के बंदोबस्त होने पर सभी को पर्याप्त पानी की आपूर्ति होगी। उन्होंने बताया कि सीएम की घोषणा के तहत ट्यूबवेल लगाने के लिए शासन को छह करोड़ रुपए की डीपीआर भेजी गई है। बजट अवमुक्त होने पर निर्माण कार्य शुरू होगा।