मन्यूड़ा में एक दो मंजिला गौशाला ध्वस्त हो गयी। मलबे में दबकर एक गाय की मृत्यु हो गई। जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवेंद्र परिहार ने एसडीएम और तहसीलदार से लाहुर घाटी में बारिश से हुई क्षति का तत्काल आंकलन करने को कहा है। उपाध्यक्ष ने बारिश के सीजन के मद्देनजर लाहुर घाटी के सस्ते गल्ले की दुकानों में चार माह का अतिरिक्त रसद भेजने को कहा है। बारिश से मन्यूड़ा गांव निवासी एवं पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख दीपक पाठक का दो मंजिला गौशाला मंगलवार के तड़के एकाएक ढह गया।
गौशाला के मलबे में एक गाय की दबकर मौत हो गई। ग्रामीणों ने मलबे में दबी गाय को भारी मशक्कत के बाद मलबे से बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार बहादुर सिंह कुमल्टा, कानूगो गोपाल सिंह बिष्ट, पटवारी पूरन गिरी गोस्वामी घटना स्थल पर पहुंचे। उधर लाहुर घाटी में कई संपर्क मार्ग ध्वस्त हो गए हैं। लाहुर नदी के कटाव से नैकाना, जखेड़ा, सुराग, छानीसेरा, जाख, पंद्रह पाली के काश्तकारों की नदी से लगी जमीन नदी में समा गई है।
जिला पंचायत के उपाध्यक्ष देवेंद्र परिहार ने एसडीएम और तहसीलदार से लाहुर घाटी में बारिश और भूस्खलन से हुई क्षति का तत्काल आंकलन करने को कहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने बताया कि लाहुर घाटी आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील क्षेत्र है। उन्होंने क्षेत्र के ग्राम प्रधानों से क्षति की रिपोर्ट अपने क्षेत्र के पटवारी के यहां तत्काल दर्ज कराने को कहा है।