अपर सत्र न्यायाधीश शमशेर अली ने नाबालिग बलात्कार पीड़िता का जबरन गर्भपात कराने की आरोपी महिला की अपील खारिज कर दी है। न्यायालय ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा दी दिए गए फैसले को बरकरार रखते हुए आरोपी को एक वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया है।
मामले के अनुसार दो वर्ष पूर्व कपकोट क्षेत्र के एक गांव में रतन राम नामक युवक ने गांव की ही नाबालिग किशोरी से बलात्कार किया था। इससे वह गर्भवती हो गई। बलात्कार के आरोपी की मां अमरा देवी ने पीड़िता को जंगल में ले जाकर उसका गैर कानूनी तरीके से गर्भपात कराने के बाद मृत बच्चे के शव को गड्ढे में दबा दिया था।
पीड़िता के परिजनों ने पुलिस में मामला दर्ज कराया। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। गैरकानूनी तरीके से गर्भपात कराने की दोषी अमरा देवी को न्यायिक मजिस्ट्रेट ने एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। अमरा देवी ने इस मामले में अपर सत्र न्यायालय में अपील की थी।
अपर सत्र न्यायाधीश ने अमरा देवी की अपील खारिज कर दी और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा दिए गए फैसले को बरकरार रखते हुए आईपीसी की धारा 318, 109, 201 में एक-एक वर्ष की सजा से दंडित किया। अभियुक्त का पुत्र बलात्कार के मामले में जेल में बंद है। इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी आबिद हसन एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंचल सिंह पपोला ने राज्य सरकार की ओर से पैरवी की।