बागेश्वर। जिले में खड़िया की करीब 60 खदानें हैं। इससे अच्छा खासा राजस्व सरकार को जाता है लेकिन आम जनता और यहां के बेरोजगारों को इससे कोई लाभ नहीं मिल रहा है। वरिष्ठ नागरिक न्यास के पदाधिकारियों के साथ ही तमाम संगठन बागेश्वर में खड़िया प्रसंस्करण इकाई लगाने की मांग दशकों से कर रहे हैं लेकिन सरकार इस दिशा में कदम नहीं बढ़ा रही है।
जिले को खड़िया खनन क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। खड़िया के अकूत भंडार के होने के बावजूद सरकारें इस खड़िया रूपी खनिज संपदा पर आधारित एक भी उद्योग लगा पाने में नाकाम रही है। इससे स्थानीय युवाओं को खड़िया से रोजगार नहीं मिल सका है। खड़िया से यहीं पर उत्पाद बनते तो स्थानीय बेरोजगारों को बड़ी संख्या में रोजगार मिलता। जिले से प्रतिवर्ष हजारों टन खड़िया खोदकर मैदानी जिलों में पहुंचाई जाती है।
खड़िया से सौंदर्य प्रसाधन सहित अन्य उत्पाद बनाए जाते हैं। कई सालों से खड़िया पर आधारित उद्योग लगाने के लिए सरकारें आश्वासन देती रही हैं लेकिन आज तक इस दिशा में ठोस प्रयास नहीं हो सके हैं। खड़िया पर आधारित उद्योग लगने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के काफी अवसर मिलते। विशेषकर कोरोना काल में घर लौटे प्रवासियों को रोजगार का मौका मिलता और उन्हें रोजगार के लिए वापस लौटने की आवश्यकता नहीं पड़ती। खड़िया खनन की मौजूदा व्यवस्थाओं में मजदूरों, भूमि स्वामियों और वाहन चालकों को ही रोजगार मिल रहा है। यदि जिले में ही खड़िया पर आधारित उद्योग लगाए जाएं तो बड़े पैमाने पर युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे खुल सकते हैं। पलायन को रोकने में काफी हद तक मदद मिल सकती थी। वर्तमान खनन प्रक्रिया से सिर्फ मजदूर तबके को ही रोजगार मिल रहा है। शिक्षित युवाओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
खड़िया के उद्योग स्थापित करने में तमाम तरह की व्यवहारिक दिक्कत सामने आ रही हैं। इस वजह से उद्योग लगाना संभव नहीं हो पा रहा है। फिर भी कोई व्यक्ति इच्छुक हो तो शासन स्तर से पूरी मदद की जाएगी। उद्योग को लेकर उच्च स्तर पर बात उठाई जाएगी। - चंदन राम दास, विधायक, बागेश्वर।
उद्यमिता विकास प्रशिक्षण के माध्यम से लोगों को उद्योग लगाने के लिए समय-समय पर प्रेरित किया जा रहा है। लोगों को उद्योग लगाने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाओं से मिलने वाले लाभ के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। कोई इच्छुक व्यक्ति उद्योग लगा सकता है।
- जीपी दुर्गापाल, उद्योग महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र बागेश्वर।