अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत 17वीं राज्य स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता के प्रतिभागियों ने संकल्प पत्र भरे। इस अवसर पर प्रतिभागियों के साथ ही आयोजकों, खेल प्रशिक्षकों और अभिभावकों ने नारी गरिमा बनाए रखने की शपथ ली।
सोमवार को सुबह 10 बजे पिंडारी रोड स्थित खेल विभाग के परिसर में राज्य स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता के बीच अपराजिता अभियान का बागेश्वर में शुभारंभ किया गया। इस दौरान प्रतिभागी बालिकाओं के साथ अमर उजाला ने अभियान का बैनर और पोस्टर लांच किया। खिलाड़ियों को अभियान की जानकारी के साथ ही इसके विजन के बारे में बताया गया। दोपहर दो बजे ब्रेक के बीच प्रतियोगिता स्थल पर मौजूद लगभग 150 लोगों को नारी गरिमा की शपथ दिलाई गई। इसमें खिलाड़ियों के साथ ही अभिभावक, प्रशिक्षक, प्रबंधक, खेल विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान सुबह 10 बजे से लेकर शाम छह बजे तक प्रतिभागियों द्वारा शपथ पत्र भरने का सिलसिला चलता रहा। खिलाडिय़ों ने अपने मुकाबलों से समय निकाल शपथ पत्र भरा।
इससे पहले बतौर मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने समाज में महिला हिंसा की तस्वीर पर चिंता जताते हुए साझा मुहिम की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने अमर उजाला के अभियान की सराहना की और खिलाड़ियों के साथ ही क्षेत्रवासियों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। जिला क्रीड़ा अधिकारी विनोद वल्दिया ने भी अमर उजाला के अभियान को सराहनीय बताया। खिलाड़ियों से अभियान की भावना आत्मसात करने और सक्रिय भागीदारी की अपील की। इस दौरान उप क्रीड़ा अधिकारी जुबैद अहमद, जिला प्रशिक्षक कमलेश तिवारी, किरन नेगी, अनीता पांडे, ललित नेगी, नीरज पांडे, हरीश सोनी, अनिल कार्की आदि थे।
संवाद में उभरी चिंताएं
बागेश्वर। अमर उजाला के अपराजिता के तहत राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के दौरान बालिका खिलाड़ियों से सीधा संवाद किया गया। इस दौरान प्रतिभागी खिलाड़ियों से लेकर अभिभावकों ने महिला हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने अमर उजाला के अभियान की सराहना करते हुए समर्थन भी दिया।
इस तरह के अभियान जरूरी
बागेश्वर निवासी राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार विजेता पल्लवी जोशी का कहना है कि महिला हिंसा पर अंकुश लगाने के लिए इस तरह के अभियान बेहद जरूरी हैं। वह खुद आत्मरक्षा के लिए ताइक्वांडो खेल की बारीकियां सीख रही हैं।
आत्म रक्षा की विधा सीखनी पड़ी
बागेश्वर निवासी श्रद्धा जोशी का कहना है कि समाज के हालातों को देखते हुए ही आत्मरक्षा की विधा सीखनी पड़ी। इससे आत्मविश्वास बढ़ा और विपरीत हालातों का मुकाबला करने की ताकत मिली है। किसी भी गलत हरकत पर मौके पर विरोध दर्ज कराती हैं।
मानसिकता बदलनी होगी
बागेश्वर निवासी रुचि कालाकोटी का कहना है कि महिलाओं के प्रति अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। महिला हिंसा की रोकथाम के लिए पुरुषों को अपनी मानसिकता बदलनी होगी। अमर उजाला का अभियान इस दिशा में अहम भूूमिका निभा रहा है।
महिला उत्पीड़न रोकने में मददगार होगा यह अभियान
देहरादून निवासी मानसी ढौड़ियाल का कहना है कि खेल के सिलसिले में बाहर भी जाना पड़ता है। घर से दूर असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। अमर उजाला का अभियान महिला हिंसा और उत्पीड़न की रोकथाम में मददगार साबित होगा।