बागेश्वर- पिथौरागढ़ राजमार्ग से आदि कैलाश को जाते एमपी के रूद्रा। संवाद
बागेश्वर। मध्य प्रदेश के कटनी जिले से युवा रुद्रा अपनी स्केटिंग यात्रा के माध्यम से पूरे देश में सनातन धर्म और गोमाता से प्रेम करने और उनकी रक्षा का संदेश फैला रहे हैं। करीब 15 महीनों से चल रही उनकी यह यात्रा अब उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ों को पार करते हुए आदि कैलाश की ओर बढ़ रही है। शुक्रवार को वह बागेश्वर से पिथौरागढ़ के लिए रवाना हुए।
शुक्रवार को जिले के कलना बैंड पहुंचे रुद्रा ने बताया कि उन्होंने नौ अगस्त 2024 से पूरे भारत की यात्रा स्केटिंग के साथ शुरू की थी। अपनी इस लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा का उद्देश्य बताते हुए रुद्रा ने कहा कि वह सनातन धर्म और गो रक्षा के संदेश को लेकर निकले हैं।
उन्होंने युवाओं के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी नशा और बुरी आदतों से ग्रसित हो रही है। उन्होंने युवाओं से अपील कि मेरी तरह एक-दो साल के लिए नहीं तो कम से कम 10-15 दिन का समय अपने लिए निकालो। दुनिया देखो, ठोकरें खाओ जीवन जीने का तरीका अपने आप समझ में आ जाएगा।
अपनी यात्रा के अनुभव साझा करते हुए रुद्रा ने बताया कि इस सफर ने उन्हें धैर्य का महत्व सिखाया है। यात्रा में कभी-कभी बिना किसी व्यवस्था वाली दुर्गम जगहों पर भी सोना पड़ता है। पूरे देश का भ्रमण करने के बाद ही वह अपनी यात्रा समाप्त करेंगे।
पहाड़ों में 35 और मैदानों में 100 किमी का सफर
रुद्रा ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में चढ़ान-उतरान के कारण दूरी तय करना मुश्किल होता है। चढ़ाई अधिक होने पर वह एक दिन में केवल 20 से 35 किलोमीटर तक की दूरी ही तय कर पाते हैं जहां ढलान मिलती है वहां यह दूरी 50 किलोमीटर से ऊपर चली जाती है। समतल मैदानों में उनकी स्केटिंग यात्रा प्रतिदिन 70 से 100 किलोमीटर तक की दूरी तय कर लेती है। अब उनका अगला पड़ाव आदि कैलाश है।