बागेश्वर के काफलीगैर में किसानों को मशरूम का प्रशिक्षण देते प्रशिक्षक। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। एग्रीकल्चर काउंसिल ऑफ इंडिया नई दिल्ली की ओर से कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन कर किसानों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण दिया।
एक माह तक चले प्रशिक्षण शिविर के कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर में समापन किया गया। प्रशिक्षकों ने कहा कि मशरूम का सबसे अधिक लाभ ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और मधुमेह के रोग में मिलता है। बाजार में मशरूम की लगातार बढ़ती मांग से किसानों के लिए स्वरोजगार का यह अच्छा विकल्प बन रहा है। किसानों को बटन मशरूम, ऑस्टर मशरूम, दूधिया मशरूम की उत्पाद तकनीकों के बारे में बताया गया। लीड बैंक अधिकारी एमएस पांगती ने किसानों को ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड की जानकारी दी। किसानों को विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के प्रक्षेत्र हवालबाग का भ्रमण कराया गया। वैज्ञानिक डॉ. राजशेखर ने मशरूम बीज बनाने और कंपोस्ट बनाने के साथ ही सूप, अचार बनने की प्रक्रिया बताई। कनाड़ गांव के मशरूम उत्पादक सुंदर सिंह की प्रदर्शनी की सराहना की गई। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. कमल कुमार पांडे, प्रशिक्षण समन्वयक हरीश चंद्र जोशी, निधि सिंह, मेदनी प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।