बागेश्वर। बैसानी गांव में एक नाबालिग की शादी होने की सूचना मिलने पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) और बाल कल्याण समिति ने मौके पर जाकर शादी रुकवाई। टीम ने किशोरी के माता-पिता से बेटी की उम्र 18 साल पूरी होने पर ही उसकी शादी करवाने का शपथपत्र भरवाया।
ग्राम कमेड़ी निवासी हरीश राम के पुत्र पवन की बरात रविवार को बैसानी गांव जानी थी। एएचटीयू को शनिवार रात सूचना मिली कि इस वधू की उम्र 17 साल, छह माह, 22 दिन है। इस आधार पर रविवार सुबह एएचटीयू प्रभारी एसआई मीना रावत, पीएलवी षष्ठी कांडपाल और बाल कल्याण समिति के सदस्य जगदीश जोशी टीम के साथ गांव पहुंचे।
उन्होंने होने वाली दुल्हन के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच की तो वह नाबालिग पाई गई। इसलिए टीम ने तत्काल दूल्हे पक्ष के लोगों को फोन कर बरात न लाने के लिए कहा। किशोरी के परिजनों को नाबालिग की शादी के दुष्प्रभाव बताए। टीम ने नाबालिग की शादी करने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई की जानकारी भी दी। टीम के समझाने के बाद किशोरी के परिजनों ने छह महीने बाद ही बेटी की शादी करने पर सहमति जताई और नाबालिग का विवाह न करने का शपथपत्र भी भरा।