बृहस्पतिवार की रात आए आंधी, तूफान से जिलेभर में शुक्रवार को बिजली की आपूर्ति ठप रही। लाइन पर पेड़ गिरने से बिजली के तार, पोल टूट गए। कई ट्रांसफार्मर खराब हो गए। जिस कारण बिजली पर निर्भर पेयजल योजनाएं पंप नहीं हो सकी जिस कारण लोगों में पानी को लेकर हाहाकार मचा रहा।
बृहस्पतिवार की देर रात आए आंधी तूफान के साथ हुई बारिश से जिले में बिजली की आपूर्ति ठप हो गई। शहर में रात 12:25 बजे से प्रात: 5:25 बजे तक बिजली गुल रही, लेकिन टाउन के बिजली घर में सुबह 7:52 बजे तक लाइन ट्रिप कर गई। खोजबीन करके पता चला तो ट्रांसफार्मरों में तकनीकी गड़बड़ी आ गई।
विभागीय अभियंताओं ने 10:42 तक तीन ट्रांसफार्मर चालू कर तो दिए तो लेकिन इससे नगर के हर हिस्से में आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी। बाद में अन्य ट्रांसफार्मरों के काम करने के साथ ही आपूर्ति भी सुचारु हो गई। उधर कांडा, गरुड़, कौसानी क्षेत्र में शाम तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। आपूर्ति सुचारु न होने के कारण नगर, खरेही पट्टी के लिए सरयू से बनी पेयजल योजनाएं पंप नहीं हो सके। जिससे लोग पीने के साफ पानी के लिए दिनभर परेशान रहे।
पानी न मिलने से लोगों ने सरयू, गोमती के दूषित पानी से प्यास बुझाई। वहां से पानी ढोने में समय, धन की बर्बादी हुई। पानी की आपूर्ति न होने से लोगों के घरेलू कामकाज प्रभावित हुए। नहाने, कपड़े धोने के लिए पानी नहीं मिल सका। पेयजल संस्थान के जेई दीनदयाल ने बताया कि आधी रात से बिजली गुल रहने के कारण टंकियों में पानी स्टोरेज नहीं हो सका। शुक्रवार की सुबह कलक्ट्रेट, विकास भवन के आसपास टैंकर से पानी बंटवाया गया।
इधर ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता डीडी पांगती ने बताया कि आंधी, तूफान के साथ हुई बारिश से कई जगहों पर ट्रांसफार्मर खराब हो गए। काफलीगैर क्षेत्र में भी कई पोल गिर गए। उन्होंने बताया कि सोमेश्वर से होकर कौसानी, गरुड़ क्षेत्र होकर आने वाली मेन लाइन में भी खराबी आई है। उसे ठीक कराया जा रहा है। करीब पांच लाख रुपए की क्षति का अनुमान है।
बिजली की आपूर्ति बाधित रहने से शुक्रवार को पेयजल योजनाएं नहीं चल सकी। पानी की आपूर्ति न होने के कारण दुग बाजार स्थित श्री नौला धारे पर दबाव पड़ गया। यहां घंटाें तक पानी भरने वालों की भीड़ लग गई। कई लोग बर्तनों में आधा पानी भरकर घरों को लौटे। परेशान लोगों ने पेयजल संस्थान से पानी के वितरण के लिए टैंकर लगवाने, आपातकालीन पंपों को चालू करने के लिए उच्च क्षमता वाले जनरेटरों की व्यवस्था करने को कहा है।