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Bageshwar News: स्मैक तस्करी का आरोपी दोषमुक्त

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अल्मोड़ा। विशेष सत्र न्यायाधीश मलिक मजहर सुल्तान ने 1 किलो चरस बरामदगी के आरोपी बची सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
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अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पूरन सिंह कैड़ा ने बताया कि पांच नवंबर 2022 को थाना लमगड़ा पुलिस को मौरनौला चौकी पर चेकिंग के दौरान आरोपी से चरस बरामद की। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम बची सिंह निवासी नानकमत्ता, ऊधमसिंह नगर बताया। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए विशेष सत्र न्यायाधीश मलिक मजहर सुल्तान ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। संवाद
स्मैक तस्करी का आरोपी दोषमुक्त
बागेश्वर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजु सिंह मुुंडे की अदालत ने स्मैक तस्करी के आरोपी को दोषमुक्त किया है। आरोपी युवक पर हल्द्वानी से स्मैक लाकर जिले में बिक्री करने का आरोप था।
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कोतवाली पुलिस ने चार सितंबर को हल्द्वानी से बागेश्वर आ रही एक जीप में बैठकर आ रहे युवक दीपक सिंह मेहता निवासी जारती, हाल निवासी मंडलसेरा को 4.53 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। युवक पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया और उसे न्यायालय के आदेश के बाद जेल भेज दिया गया। 30 सितंबर 2021 को विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद भट्ट और ओम प्रकाश तिवारी ने मामले की पैरवी की। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश कराए गए। न्यायालय ने गवाहों बयान, साक्ष्य के आधार पर युवक को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करने का आदेश दिया।
निचली अदालत का फैसला पलटा, आरोपी बरी
बागेश्वर। जिला सत्र न्यायाधीश एसएमडी दानिश की अदालत ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के अदालत के फैसले को पलटते हुए एनपीएस एक्ट के दो आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। फैसला आठ दिसंबर का है। पुलिस ने 19 मार्च 2020 को जौलकांडे निवासी बिजेंद्र सिंह बिष्ट से 3.35 ग्राम और योगेश उप्रेती निवासी सानिउडियार, हाल निवासी बनखोला मंडलसेरा के पास से 3.38 ग्राम स्मैक बरामद की थी। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज हुआ।
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मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में हुई। 10 जून 2022 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोनों आरोपियों को छह-छह माह का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। अदालत के फैसले के खिलाफ आरोपी बिजेंद्र सिंह बिष्ट ने जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत में अपील की। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोनों आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया। आरोपियों की ओर से पैरवी अधिवक्ता विनोद भट्ट और ओम प्रकाश तिवारी ने की। संवाद
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