जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म करने पर अभियुक्त को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जिला जज ने आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
घटना के अनुसार, बीती छह फरवरी को कपकोट के एक गांव की नाबालिग छात्रा स्कूल से घर लौट रही थी। वह कालीगौन कपकोट के चंद्र सिंह की दुकान पर अपनी सहेलियों का इंतजार कर रही थी। तभी अभियुक्त दुकानदार चंद्र सिंह ने छात्रा को कुरकुरे खाने को दिए और उसका हाथ पकड़कर दुकान के भीतर ले गया। दुकान का शटर बंद कर उसने उसको हवस का शिकार बना लिया।
पीड़िता ने घटना की जानकारी अपनी मां को दी। मां ने कपकोट थाने में अभियुक्त के खिलाफ उसी दिन रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने दूसरे दिन पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से अल्मोड़ा जेल भेज दिया गया। तब से वह जेल में बंद है।
शासकीय अधिवक्ता डीके जोशी ने मामले में पैरवी की। उन्होंने अदालत में पीड़िता, उसकी मां, पीड़िता का मेडिकल करने वाली डा. गायत्री पांगती, डा. अखिलेश कुमार, विवेचक थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश रायपा समेत कुल आठ गवाह परीक्षित कराए।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. शर्मा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभियुक्त चंद्र सिंह को धारा 376 (1) आईपीसी और धारा-4 पोक्सो अधिनियम मे दोषी ठहराया। उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को दी जाएगी।