बागेश्वर-टनकपुर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति की बैठक में रेल मार्ग की उपेक्षा पर नाराजगी जताई गई। समिति के सदस्यों ने सामरिक महत्व की इस रेल लाइन का शीघ्र निर्माण करने की मांग की।
समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी की अध्यक्षता में आयोजित मासिक बैठक में वक्ताओं ने कहा कि चीन सीमा तक सड़क, रेल लाइन बिछा चुका है लेकिन भारत में आजादी से पूर्व प्रस्तावित रेल लाइन निर्माण को लेकर अभी कोई पहल नहीं हुई है।
कहा कि टनकपुर से बागेश्वर तक प्रस्तावित रेल लाइन सामरिक महत्व की है। रेल मार्ग बनने से पहाड़ का विकास होगा, जिससे पलायन रुकेगा। इस महत्व को देखते हुए सरकार को रेल लाइन निर्माण की दिशा में जल्दी कोई कदम उठाने चाहिए। सभी सदस्यों ने केंद्र सरकार से इसके लिए बजट अवमुक्त करने की मांग की।
बैठक के अंत में रेल लाइन निर्माण को लेकर हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए नारेबाजी भी की गई। बैठक में महामंत्री खड़क राम आर्या, गिरीश चंद्र पाठक, हयात सिंह मेहता, मोहन जोशी, कमलेश मेहता, महेंद्र सिंह, सरस्वती, उमा पांगती आदि थे।