गरुड़ (बागेश्वर)। प्राइमरी स्कूल गागरीगोल के जिस खस्ताहाल भवन को वर्षों पहले खतरनाक मानकर खाली किया गया, उसी भवन में 11 साल से गरुड़ के डिग्री कॉलेज का संचालन हो रहा है। यहां सिर्फ स्नातक तक की पढ़ाई होने के कारण छात्रसंख्या महज 287 है। उन्हें परीक्षा देने बागेश्वर जाना पड़ता है।
तत्कालीन सीएम एनडी तिवारी के प्रयास से गरुड़ कॉलेज की स्थापना 2006 में हुई थी। तब से कॉलेज के पास अपना भवन तक नहीं है। क्षेत्र के विधायक चंदन दास भवन निर्माण के बारे में कई बार शासन को अवगत करा चुके हैं लेकिन भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
कॉलेज में अंग्रेजी के प्राध्यापक का पद खाली है। यहां लाइब्रेरी की सुविधा भी नहीं है। परीक्षा देने के लिए स्थानीय विद्यार्थी बागेश्वर जाने को मजबूर हैं। राज्य सरकार ने भवन निर्माण के लिए 90 नाली जंगलात की जमीन गोलू मंदिर गागरीगोल के पास देखी है।
इसके लिए भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया की फाइल दो साल से केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में अटकी है, हालांकि राज्य सरकार ने पिछले साल भवन निर्माण के लिए 24 लाख रुपए दिए हैं। डिग्री कॉलेज प्रशासन ने यह राशि निर्माण एजेंसी उत्तर प्रदेश निर्माण निगम को हस्तांतरित कर दी है।
गरुड़ (बागेश्वर)। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रेम प्रकाश ने बताया कि कॉलेज के भवन निर्माण की फाइल शासन में लटकी है। विभाग ने अपनी ओर से सारी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं। कॉलेज प्रशासन स्नातक की परीक्षाएं इस बार गरुड़ में ही कराने का प्रयास कर रहा है।