बागेश्वर। अर्थ एवं संख्या कार्यालय में प्रसिद्ध सांख्यिकीविद् प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती और राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में वक्ताओं ने प्रो. महालनोबिस का याद करते हुए देश की आर्थिक योजना के विकास में उनके योगदान पर चर्चा की।
रविवार को विकास भवन स्थित अर्थ एवं संख्या कार्यालय में आयोजित गोष्ठी का शुभारंभ अर्थ एवं संख्याधिकारी दिनेश सिंह ने किया। उन्होंने राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण से समय-समय पर विभिन्न विषयों पर किए गए सर्वेक्षणों और उनके परिणामों के महत्व के बारे में बताया। अपर सांख्यिकीय अधिकारी बीएस राणा ने जिले में राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उद्योग विभाग से अपर सांख्यिकीय अधिकारी रवींद्र पंत ने भी अपने विभाग में सांख्यिकी के योगदान के बारे में बताया। इस मौके पर राजन सिंह गैड़ा, सतविंदर सिंह, नवीन लाल, मनोज सिंह दानू आदि मौजूद रहे। संवाद
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ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की गोष्ठी
कपकोट। राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर महाविद्यालय कपकोट में ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में अर्थशास्त्र के महत्व के बारे में चर्चा की। प्राचार्य डॉ. बीसी तिवारी की अध्यक्षता में ऑनलाइन माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में डाॅ. मुन्ना जोशी ने राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्य वक्ता डाॅ. पीके झा ने देश के विकास में अर्थशास्त्र की भूमिका विषय पर व्याख्यान दिए। कार्यक्रम का संचालन प्राध्यापक डॉ. दीपक कुमार ने किया। संवाद
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डिग्री कॉलेज कांडा में भी आयोजित हुई गोष्ठी
कांडा। राजकीय महाविद्यालय कांडा में सांख्यिकी दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रकट किए।
गोष्ठी का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. मधुलिका पाठक ने किया। उन्होंने कहा कि महालनोबिस जैसे विद्वानों का होना ही भारत के लिए सौभाग्य का विषय है। उनको पदम विभूषण मिलना उनकी विद्वता को बताता है। मुख्य वक्ता डॉ. चमन कुमार ने राष्ट्रीय सैंपल सर्वेक्षण का इतिहास, योगदान और उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने महालनेबिस के विचारों और सांख्यिकी के महत्व को आम जनमानस तक पहुंचाने और सांख्यिकी का प्रचार प्रसार करने की अपील की। संवाद