शासन से मैगी पर प्रतिबंध लगने के बाद भी जिले के विभिन्न हिस्सों में अब भी चोरी छिपे मैगी बिक और बन रही है। अनेक व्यापारियों ने दुकानों से मैगी हटानी शुरू कर दी है। मैगी में अधिक मात्रा में केमिकल मिलने के कारण शासन ने मैगी की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।
मैगी पर प्रतिबंध लगते ही अनेक व्यापारियों ने दुकानों से मैगी के पैकेट छिपा लिए हैं जबकि वह कई दुकानोें की अब भी शोभा बढ़ा रही है। होटल चला रहे राम लाल ने बताया कि मैगी पर प्रतिबंध लगते ही उन्होंने मैगी बनानी बंद कर दी है। इसके बावजूद कुछ लोग अब भी मैगी की मांग कर रहे हैं।
जमन सिंह ने बताया कि बचे मैगी के पैकेटों को वह डिस्ट्रीब्यूटर को लौटा देंगे। एसडीएम फिंचा राम चौहान ने बताया कि आदेश की प्रति मिलते मैगी के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।