बैठक करते बागनाथ मंदिर समिति के सदस्य।
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बागनाथ मंदिर में माघ के महीने में माघी खिचड़ी के भंडारे की परंपरा जारी रहेगी। श्रद्धालु अपनी इच्छा के अनुसार दाल-भात या खिचड़ी का आयोजन कर सकेंगे। यह निर्णय मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में लिया गया। बता दें कि बागनाथ मंदिर में माघ के महीने में खिचड़ी बनती है।
कुछ दिन पूर्व मंदिर समिति ने इस साल माघी खिचड़ी के स्थान पर दाल-भात बनाने का निर्णय लिया था, लेकिन अब प्रबंध समिति की ओर से सिर्फ दाल-भात को प्रसाद के रूप में वितरित करने का निर्णय वापस ले लिया है। रविवार को हुई बैठक में प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि परंपरा के अनुसार कोई भी व्यक्ति खिचड़ी का प्रसाद तैयार कर सकता है।
यदि कोई चाहे तो दाल-भात को भी प्रसाद के रूप में श्रद्धालुुओं में वितरित किया जा सकता है। बताया कि भंडारे के लिए जो नियम बनाए गए हैं, उनका पालन करना जरूरी होगा। बैठक में प्रधान पुजारी भरत सिंह रावल, अध्यक्ष नंदन सिंह रावल, संजय सिंह, बाला दत्त तिवारी, राजा साह गंगोला, सुंदर सिंह, चंदन सिंह, महिपाल सिंह, रणजीत सिंह, इंद्र सिंह, दलीप सिंह, नवीन लाल, सुनील सोनी, खीमानंद पंत, चंद्रशेखर जोशी आदि थे।