बागेश्वर। किसी समय में पहाड़ का गरीब अनाज माना जाने वाला मडुवा आज किसानों की तकदीर बदलने वाला अनाज बन चुका है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती वैश्विक चेतना ने इस पारंपरिक अनाज को थाली से निकालकर सीधे बाजार के केंद्र में खड़ा कर दिया है। जिले में इस साल मडुवे के उत्पादन और सरकारी खरीद ने पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
सहकारिता विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले के 71 किसानों से सहकारी समितियों ने 13 केंद्रों पर मडुवा खरीदा। विभाग ने कुल 1142 क्विंतल मडुवे की रिकॉर्ड तोड़ खरीद की। पूरे जिले में 48.86 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 55,79,812 रुपये का मडुवा खरीदा गया। पौष्टिकता से भरपूर मडुवे की मांग इतनी अधिक है कि बाजार में इसका आटा 60 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। शहरों में बढ़ती मांग और होटलों में मडुवे के व्यंजनों की लोकप्रियता ने इसे किसानों के लिए लाभदायक अनाज बना दिया है। मडुवे की बढ़ती मांग और कीमतों में इजाफे से जिले में इसके उत्पादन में साल दर साल बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। साल 2024 में विभाग महज 328 क्विंतल मडुवा ही खरीद पाया था। महज एक साल में उत्पादन ने ऊंची छलांग लगाई है।
जिले में केंद्रों पर मडुवे की खरीद अभी जारी है। किसानों को अब तक की खरीद का भुगतान डीबीटी के माध्यम से कर दिया गया है। आने वाले सालों में उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है।
-आशीष कुमार, निबंधक सहकारिता विभाग