बागेश्वर। न्याय निर्णायक अधिकारी/जिलाधिकारी की अदालत ने जिले के एक मैक्रोनी विक्रेता और काशीपुर की निर्माता कंपनी पर जुर्माना लगाया है। उत्पाद में लॉट, बैच और कोड अंकित नहीं होने पर सजा सुनाई गई है। विक्रेता को पांच हजार और निर्माता को 25 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा।
अभिहित अधिकारी एके फुलोरिया ने बताया कि 22 जुलाई 2019 को वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. प्रकाश चंद्र फुलारा ने कांडा क्षेत्र में खाद्य सामग्री की चेकिंग के लिए चलाए गए अभियान में कमेड़ीदेवी बाजार का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने कमेड़ीदेवी के व्यापारी सुशील कुमार राठौर की दुकान से सर्वश्रेष्ठ प्रीमियम क्वालिटी की मैक्रोनी का सैंपल लिया था जिसे जांच के लिए राज्य औषधि एवं जांच प्रयोगशाला रुद्रपुर भेजा गया।
जांच रिपोर्ट में इसे मिथ्याछाप (मिसब्रांडेड) घोषित किया गया। बुधवार को शासकीय अधिवक्ता बसंत बल्लभ पाठक ने जिलाधिकारी के न्यायालय में मामले की पैरवी की जिसमें मैक्रोनी विक्रेता राठौर और निर्माता कंपनी एसए इंटरप्राइजेज, कटोराताल, काशीपुर, ऊधमसिंह नगर को दोषी पाते हुए जुर्माना भरने की सजा सुनाई गई। दंड की धनराशि एक माह के भीतर जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।