हालांकि 15 सितंबर से 15 नवंबर तक चलने वाले वर्ष के दूसरे पर्यटन सीजन से पर्यटक काराेबार को पंख लगने की उम्मीद है, लेकिन माैजूदा हालात काे देखते हुए कुछ कह पाना संभव नहीं है। हाेटल एसोसिएशन के अध्यक्ष बलवंत सिंह नेगी ने बताया कि अधिकतर हाेटल पर्यटकों के कारण ही चलते हैं।
लॉकडाउन के कारण ज्यादातर हाेटल कर्मचारी बेरोजगार हाे गए हैं। लॉकडाउन के कारण पर्यटन व्यवसाय ठप हो गया है।
ट्रैकिंग नहीं हाेने से स्थानीय लाेग बेरोजगार
लॉकडाउन के कारण साहसिक पर्यटक गतिविधियां भी ठप हैं। पिंडारी ग्लेशियर, सुंदरढुंगा वैली, काफनी ग्लेशियर में ट्रैकिंग पर इसका असर पड़ा है। स्थानीय लोग घाेड़े, खच्चर और कंधे पर पर्यटकों का सामान ढोकर आजीविका कमाते थे। यह लोग भी बेरोजगार हो गए हैं।
देश, विदेश से आने वाले सैलानियों को पर्यटक स्थलों की सैर कराने वाले टैक्सी संचालकों पर भी लॉकडाउन की मार पड़ी है। जिले में सौ से अधिक टैक्सी संचालक पर्यटकों काे जिले के पर्यटन स्थलों में घुमाने का काम करते हैं। इन लोगों के पास भी इस बार काम नहीं है।
लॉकडाउन के कारण पर्यटन व्यवसाय खासा प्रभावित हुआ है। पर्यटन विभाग काे करीब डेढ़ करोड़ का नुकसान हुआ है। सितंबर से शुरू हाेने वाले साल के दूसरे पर्यटन सीजन से उम्मीदें बरकरार हैं।
- कीर्ति चंद्र आर्या, जिला पर्यटन अधिकारी बागेश्वर