कांडाधार के पास सड़क में आए मलबा हटाती जेसीबी।
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बागेश्वर। जिले में शुक्रवार रात हुई अतिवृष्टि से बिजली, पानी, यातायात की सुविधा बाधित हो गई। गांव सौंग, सुमगढ़, मुनार, शामा में बिजली लाइन और पानी की लाइनें टूट गईं। तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश से करीब 14 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप है। वहीं कई मोटर मार्ग मलबा आने से बंद हो गए, जबकि एनएच पर आए मलबे को लोनिवि कर्मियों ने जेसीबी से हटा दिया।
मलबा आने से शामा ग्राम समूह की पेयजल योजना लीती और रीठकुला के बीच पत्थरखानी एवं तंगर गधेरे में टूट गई है, जबकि कांडा-सानिउडियार पेयजल योजना भी मलबे से क्षतिग्रस्त हो गई। बिजोरीझाल और दुलम नहर में मलबा भर गया, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोक निर्माण विभाग कपकोट की सनगाड़-वास्ती की सड़क समेत कंधार-रौल्याणा-मजकोट, कपकोट-लीली, बघर मोटर मार्ग भी मलबा आने से बंद हो गई। वहीं लोनिवि के कर्मियों ने कपकोट-शामा-तेजम, शामा-लीती, कपकोट-पिंडारी ग्लेशियर, रिखाड़ी-बाछम, खड़लेख-भनार मोटर मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया है। कांडाधार के पास एनएच पर मलबा आने से बंद हो गया था, जिसे बाद में लोनिवि के कर्मचारियों ने जेसीबी से खोल दिया।
मूसलाधार बारिश से तीन मकान, एक गोशाला टूटी
मलबे में दबकर दो बैलों की मौत, राजस्व अधिकारियों ने किया मौका मुआयना
कपकोट/बागेश्वर। कांडा तहसील के पट्टी वजीना क्षेत्र के ग्राम नागकन्याल निवासी लीला कांडपाल, ग्राम बटालगांव निवासी जगदीश चंद्र और ग्राम कलढूंगा निवासी नवीन चंद्र का मकान बारिश में टूट गया। आसपास के ग्रामीणों को मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों की मदद की और वहां से सामान निकाला। इधर, कपकोट के ग्राम सुडिंग में मूसलाधार बारिश के चलते भूपाल सिंह पुत्र प्रेम सिंह की गोशाला टूट गई। इससे पशुशाला में बंधे दो बैलों की मलबे में दबकर मौत हो गई। सूचना पर एसडीआरएफ समेत राजस्वकर्मी भी गांव पहुंचे और उन्होंने बचाव कार्य कर प्रभावित परिवारों को राहत राशि देने की संस्तुति की है।