भागीरथी गधेरे में में फेंका गया कूड़ा।
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एक ओर जिले में स्वच्छता अभियान चल रहा है। शहर से लेकर गांव तक स्कूली बच्च, एनसीसी कैडेट, स्वयंसेवी और सरकारी महकमों के अधिकारी कर्मचारी जागरूकता अभियान चलाए हुए हैं। वहीं, दूसरी ओर कुछ लोगों ने नगर के बीचोबीच से होकर बहने वाले भागीरथी गधेरे में घरों और दुकानों का कूड़ा डालना शुरू कर दिया है।
बागेश्वर में सरयू और गोमती नदियों के साथ ही भागीरथी गधेरे का भी विशेष महत्व है। इसको विलुप्त सरस्वती की संज्ञा दी जाती है। यह गधेेरा सरयू-गोमती संगम को त्रिवेणी संगम बनाता है। वर्षों से कूड़ाघर बना दिए गए भागीरथी गधेरे की स्वच्छता को लेकर अमर उजाला ने जागरूकता अभियान चलाया था।
छह माह पूर्व जागरूक लोगों द्वारा कोर कमेटी का गठन कर तमाम लोगों को इससे जोड़ा गया। कमेटी के सदस्यों और प्रशासन के अधिकारियों ने इसमें दिलचस्पी दिखाते हुए नाले की सफाई की। अभियान के बाद गधेरा काफी हद तक साफ हो गया था, लेकिन एक बार फिर कुछ लोग गधेरे को कूड़ाघर बनाने लगे हैं।
घरों और दुकानों का कूड़ा भागीरथी गधेरे में फेंका जा रहा है। मीट मार्केट के पास काफी कूड़ा गधेरे में एकत्र हो गया है। कूडे़ से सरयू-गोमती संगम प्रदूषित हो रहा है। इससे महीनों तक स्वयं गधेरे में उतरकर कचरा उठाने वाले लोगों में नाराजगी है। जागरूक लोगों ने डीएम और नगर पालिका प्रशासन से नदी नालों में कूड़ा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
नदियों में कचरा डालना गलत है। कूड़े के लिए कूड़ेदान लगाए गए हैं। कोई भी गधेरे में कूड़ा डालते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नदियों और सार्वजनिक स्थलों में कूड़ा डालने या गंदगी करने पर जुर्माना वसूला जाएगा। इसके लिए चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं।
- राजदेव जायसी, ईओ, नगरपालिका बागेश्वर।