बागेश्वर में तरमोली के ग्रामीणों के लिए पीने का पानी जुटाना परेशानी का सबब बन गया है।
बागेश्वर। तरमोली के ग्रामीणों को पीने का पानी जुटाना परेशानी का सबब बन गया है। गांव के लिए 22 साल पहले अल्मोड़ा जिले के जागेश्वर से एकल पेयजल योजना बनी थी। इसकी पाइप लाइन जर्जर हो गई है। हालात यह हैं कि महीने में दो-तीन बार लीकेज होने लगता है और ग्रामीणों को खुद ही पाइप जोड़कर पेयजल आपूर्ति सुचारु करनी पड़ती है।
अल्मोड़ा जिले की सीमा के पास बसे कठपुड़ियाछीना क्षेत्र के तरमोली गांव में 85 परिवार रहते हैं। इस गांव की आबादी 800 से अधिक है। ग्रामीणों के लिए पेयजल निगम ने कोई योजना नहीं बनाई है। हर घर नल, हर घर जल का लाभ भी लोगों को नहीं मिल रहा है। पेयजल आपूर्ति का एकमात्र साधन ग्राम सभा की एकल योजना है जो पुरानी होने के बाद जर्जर हो गई है। ग्राम प्रधान अमर सिंह मेहता ने बताया कि शासन-प्रशासन से कई बार मांग करने के बावजूद गांव के लिए दूसरी पेयजल योजना नहीं बनी।
पुरानी योजना भी जागेश्वर के कटौचिया से बनी है। दो जिलों से बनी योजना को सुधारना भी कठिन है। गांव की पेजयल लाइन में शुक्रवार को भी रिसाव हो गया था जिसे जिला पंचायत सदस्य चंदन सिंह रावत, ग्रामीण सुंदर सिंह, प्रकाश सिंह, भगवान सिंह, हरीश सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि ने दुरुस्त किया। ग्रामीणों ने गांव की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
जिला पंचायत सदस्य चंदन सिंह रावत ने बताया कि जिला योजना से पेयजल योजना की मरम्मत के लिए बजट की मांग की गई है। बजट मिलने पर पाइपलाइन को सुधारा जाएगा। तरमोली के लिए पंपिंग योजना का निर्माण भी प्रस्तावित है। हालांकि इसे बनने में तीन से चार साल तक का समय लग सकता है।