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Bageshwar News: बागेश्वर जिला मुख्यालय ही जल संकटग्रस्त

Sun, 19 Mar 2023 09:30 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
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बागेश्वर जिला मुख्यालय ही जल संकटग्रस्त - फोटो : बागेश्वर जिला मुख्यालय ही जल संकटग्रस्त
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बागेश्वर। गर्मी के आगाज के साथ ही जल संकट मुंह बाएं खड़ा हो गया है। स्रोतों पर पानी कम होने लगा है। बागेश्वर का जिला मुख्यालय ही वर्षभर पानी की किल्लत से जूझता है। गर्मियों में हालात और बिगड़ने की आशंका है जबकि जिला मुख्यालय में दो सदानीरा नदियां सरयू और गोमती बहतीं हैं।
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करीब तीस हजार की आबादी वाले बागेश्वर नगर को रोज 5.5 एमएलडी पानी की जरूरत है लेकिन मंडलसेरा, जखेड़ा, अमसरकोट, बिलौना आदि पेयजल योजनाओं से केवल तीन एमएलडी पानी मिल पाता है। जिला मुख्यालय में रोज ढाई एमएलडी पानी की कमी है।
जिला मुख्यालय के मंडलसेरा, भुल्यूड़ा, तहसील रोड, मजियाखेत, सैंज क्षेत्र में पानी का संकट है। इन इलाकों में एक दिन छोड़कर पानी दिया जाता है। इन इलाकों के लोग सुबह से शाम तक पानी का इंतजाम करने में लगे रहते हैं। जिला मुख्यालय के लिए वर्ष 2019 से 3.7 एमएलडी क्षमता की मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना बन रही है। योजना का अधिकतर काम पूरा हो गया है। वन भूमि हस्तांतरण न होने के कारण योजना का मुख्य टैंक नहीं बन पा रहा है।
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पेयजल निगम के ईई वीके रवि का कहना है कि वन भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव भारत सरकार के नोडल अधिकारी को भेजा गया है। वन भूमि मिलते ही मुख्य टैंक का निर्माण कर दिया जाएगा। इस योजना का काम पूरा होने पर जिला मुख्यालय की पेयजल किल्लत दूर हो जाती। उधर, जल संस्थान के ईई सीएस देवड़ी का कहना है कि पानी की कमी के कारण कई इलाकों में बारी लगाकर पानी दिया जा रहा है। पेयजल संकट वाले इलाकों को गर्मियों में टैंकरों से पानी दिया जाएगा।


जिले के पेयजल संकटग्रस्त इलाके
बागेश्वर। जिले के कांडा, जेठाई, फल्यांटी, लोब आदि इलाके पानी की कमी से जूझ रहे हैं। कांडा और जेठाई के लिए पंपिंग पेयजल योजनाओं का निर्माण हो रहा है।

बास्ती क्षेत्र के नौ पेयजल स्रोतों पर कम हुआ पानी
बागेश्वर। गर्मी का आगाज होते ही जिले के बास्ती ग्राम पंचायत को पेयजल आपूर्ति करने वाले नौ जल स्रोतों पर पानी की कमी होने लगी है। पानी की कमी से लोगों की दिक्कतें बढ़नी शुरू हो गई हैं। बास्ती और द्वारी में 134 परिवार हर साल गर्मियों में पेयजल संकट का सामना करते हैं। बास्ती के लिए तीन जल स्रोतों से, द्वारी के छह स्रोतों से पानी की आपूर्ति की जाती है। गर्मी का आगाज होते ही छह स्रोतों में पानी बहुत कम हो गया है।
जल स्तंभों में पानी रिस रहा है। पानी की कमी को देखते हुए योजनाओं में एक दिन छोड़कर पानी चलाया जा रहा है। एक बर्तन भरने में काफी समय लग जाता है। गर्मी बढ़ने पर सभी नौ स्रोतों में पानी लगभग सूख जाता है। बास्ती के ग्राम प्रधान केदार महर ने बताया कि जलस्रोतों पर हर साल पानी कम होते जा रहा है। पानी की कमी से लोगों ने पशुओं को पालना और सब्जी उत्पादन करना भी बंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि विधायक सुरेश गढि़या के सामने पेयजल संकट का मामला उठाया गया है। ग्राम पंचायत के लिए मिनी पंपिंग योजना बनाने की मांग की गई है।



पेयजल किल्लत वाले इलाकों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला मुख्यालय के भुल्यूड़ा के लिए नई पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। - अनुराधा पाल, डीएम, बागेश्वर।
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