कांडा के भेटा गांव में ग्रामीणों से तेंदुए की जानकारी लेते वनकर्मी। सौ. वन विभाग
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कांडा(बागेश्वर)। पत्नी और बेटी के कमरे से तेंदुए को बाहर निकलता देख भेटा गांव के प्रधान प्रशासक उमेश कुमार के होश फाख्ता हो गए।
अनहोनी की आशंका को देखते हुए वह सीधे कमरे में गए, जहां से तेंदुआ निकला। परिवार को सकुशल देख उनकी जान में जान आई।
उमेश ने बताया कि शनिवार रात करीब नौ बजे वह लघुशंका के लिए कमरे से बाहर निकले। जब वह वापस कमरे में जा रहे थे तो वहां से तेंदुआ बाहर निकल रहा था। उन्होंने शोर मचाया तो वह नीचे की ओर चला गया। इसके बाद उन्होंने अंदर जाकर देखा तो पत्नी गंगा देवी और पांच साल की बेटी शिवांशी सकुशल थीं। इससे उन्होंने राहत की सांस ली।
बताया कि उन्होंने उसी वक्त वन विभाग की टीम को घटना की जानकारी दी लेकिन रविवार सुबह नौ बजे तक भी कोई वन कर्मचारी गांव नहीं पहुंचा, जबकि गांव से 100 मीटर दूरी पर ही विभागीय टीम गश्त कर रही थी।