स्कूल के पीछे की ओर से हुआ भूस्खलन, निरीक्षण को गांव गए विभागीय अधिकारी
कपकोट (बागेश्वर)। तहसील क्षेत्र में पिछले दिनों हुई बारिश से काफी नुकसान हुआ है। बिचला दानपुर के लाथी गांव का राजकीय प्राथमिक विद्यालय उडियार भी भूस्खलन से खतरे की जद में आ गया है। विभाग ने निरीक्षण के लिए सीआरसी प्रभारी को निरीक्षण के लिए भेज दिया है।
दुर्गम क्षेत्र के इस राप्रावि की छात्र संख्या पांच है। विद्यालय में ही आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन किया जाता है। निवर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य कुंजर कोरंगा ने बताया कि सोमवार को हुई बारिश के दौरान विद्यालय के पीछे से भूस्खलन हुआ। मलबा स्कूल तक पहुंच गया। गनीमत रही कि स्कूल में अवकाश था, वर्ना हादसा होने की भी आशंका थी।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि स्कूल के पीछे से हो रहे भूस्खलन के कारण खतरा बना हुआ है। मानसून की शुरूआत में ही स्कूल खतरे की जद में आ गया है। विभाग को जल्द स्कूल को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करना चाहिए।
कोट- विद्यालय से पांच-छह मीटर की दूरी पर भूस्खलन होने की सूचना मिली है। गांव में मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से शिक्षक से संपर्क नहीं हो सका है। सीआरसी प्रभारी को निरीक्षण के लिए मौके पर भेजा गया है। फिलहाल उनसे भी संपर्क नहीं हो रहा है। उनकी निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जरूरत पड़ी तो विद्यालय को अन्यत्र शिफ्ट किया जाएगा। -चक्षुष्पति अवस्थी, बीईओ
मलबे में दब गए थे 18 बच्चे
बागेश्वर। स्कूल भवन में भूस्खलन का भयावह मंजर जिला 2010 में देख चुका है। 18 अगस्त के दिन सुमगढ़ के सरस्वती शिशु मंदिर के भवन में पीछे की तरफ से हुए भूस्खलन के कारण 18 बच्चे जिंदा दफन हो गए थे। भारी बारिश के बीच उस दिन 28 बच्चे ही स्कूल आए थे। इस घटना को अब तक जिलेवासी नहीं भूल सके हैं। हर साल इस हादसे में दिवंगत हुए बच्चों की याद में सुमगढ़ समेत जिले के अन्य स्थानों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम किए जाते हैं। संवाद