जिले में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिन श्रद्धा और भक्तिपूर्वक मनाया। दुग बाजार स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर में पूजार्थियों की सुबह से ही भीड़ उमड़ गई।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पौराणिक बागनाथ, कालभैरवनाथ और बाणेश्वर मंदिर में जलार्पण करके पूजा पाठ किया। उधर चौगांवछीना के मुरूली उडियार और बोहाला में कृष्ण-गोपी संवाद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची रही।
कपकोट और धरमघर में लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण के डोले की गाजे बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली। भराड़ी में रविवार छह सितंबर को शोभायात्रा निकाली जाएगी।
श्रद्धालुओं ने ग्राम पंचायत कपकोट के श्री श्री 1008 काशिल देव मंदिर की बिजली की मालाओं से भव्य सजावट करके रातभर मनमोहक भजनों का गायन किया।
दुग बाजार स्थित राधाकृष्ण मंदिर में पूजार्थियों का सुबह से ही तांता लगा रहा। उन्होंने सरयू में स्नान करके पवित्र जल का मंदिर में छिड़काव किया। पुरोहितों से पूजा करवाई। श्रद्धालुओं ने झूले पर बैठे नंदलाल को झुलाया।
गणेश, सरस्वती और मंदिरों में भी पूजा की। पुजारियों ने श्रद्घालुुओं में प्रसाद वितरण किया। उधर चौगांवछीना और बोहाला में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लोग खूब लुत्फ उठा रहे हैं।
उधर कपकोट के रामलीला मैदान से भराड़ी, पुल बाजार, हिचौड़ी, ब्लाक बाजार और असों होते हुए दोबारा मैदान तक भगवान श्रीकृष्ण की गाजे बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली।
श्रद्धालुुुु श्रीकृष्ण के भजनों के गायन में जमकर झूमे। उधर बाराही देवी भराड़ी के मंदिर में श्रद्धालु रातभर भगवान कृष्ण के भजनों में झूमते रहे।
पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख दयाल ऐठानी ने बताया कि भराड़ी बाजार में सात सितंबर को श्रीकृष्ण भगवान की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शिशु मंदिर के प्रांगण में मटकीफोड़, रस्साकस्सी, जलेबी, लंबीकूद, कुर्सी और कबड्डी प्रतियोगिता होगी।
विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे। उन्होंने युवाओं से प्रतियोगिताओं में बढ़चढ़कर शामिल होने को कहा है। गुरुकुल पब्लिक स्कूूल धरमघर की ओर से क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण की ढोल नगाड़ों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली।
रामलीला मैदान में मटकीफोड़ कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यहां कनिष्ठ ब्लाक उप प्रमुख गोकुल पंचपाल, महेश पाठक, मनोहर पंचपाल, राजेंद्र कार्की, राजेंद्र महर, हीरा सिंह धर्मशक्तू आदि शामिल थे।
उधर कांडा, दुग नाकुरी, रीमा, काफलीगैर, खरेही आदि क्षेत्रों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और भक्तिपूर्वक मनाई गई।
नुमाईशखेत, कपकोट, उतरौड़ा, काकड़ा, खरेही समेत जिले के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं ने व्रत रखकर गौरा महेश्वर की पूजा की। महिलाओं ने गौरा महेश्वर के मनमोहक गीतों का गायन किया।