अपर सत्र न्यायाधीश शमशेर अली ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में पूर्व कोतवाल के हमलावर को तीन साल की सजा और एक हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई। जानकारी के अनुसार बीते वर्ष 22 मार्च को बिलौना के प्रधान कैलाश गढ़िया और गोपाल सिंह ने पुलिस में गांव के जमन सिंह पर शराब पीकर गालीगलौज करने का आरोप लगाया था।
सूचना पर तत्कालीन कोतवाल हरक सिंह फिरमाल टीम के साथ शाम करीब 7:30 बजे आरोपी जमन सिंह के घर बिलौना पहुंचे। वहां पर जमन सिंह ने पत्थर से हमला कर कोतवाल को गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद एसटीएच रेफर कर दिया। इधर, कांस्टेबल चंदन सिंह की रिपोर्ट पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
शासकीय अधिवक्ता डीके जोशी ने मामले में पीड़ित और डॉक्टर समेत कुल आठ गवाह न्यायालय में पेश किए। अपर सत्र न्यायाधीश अली ने गवाहों को सुनने के बाद आरोपी को धारा 353, 332 और 333 आईपीसी में दोष सिद्ध पाया। उन्होंने अभियुक्त को धारा 353 में एक साल की सजा और एक हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 332 में एक साल की सजा और एक हजार रुपये का दंड और धारा 333 में उसे तीन साल की सजा और एक हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। मामले को त्वरित निपटाने मेें न्यायालय के कोर्ट मुहर्रिर गणेश टोलिया और कोतवाली के पैरोकार रणजीत बैरी ने प्रभावी पैरवी की।